उत्तर प्रदेश सरकार यूपी में बिना छत के गुजर बसर कर रहे गरीबों के लिए एक तोहफा लेकर आई है। अब गरीबों को खुले आसमान के नीचे नहीं सोना पड़ेगा। राज्य सरकार ऐसे करीब एक लाख गरीबों को मुफ्त मकान देने की योजना तैयार करा रही है। एक उच्च स्तरीय बैठक में मामले पर विचार-विमर्श के बाद जल्द ही प्रस्ताव बनाने को कहा गया है।
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार द्वारा गरीबों के दिया जाने मकान की माप 250 से 300 वर्गफीट होगी। इसके अंतर्गत एक कमरा, एक शौचालय, किचेन होगा। सरकार द्वारा यह मकान मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के रूप में बना कर दिया जाएगा। आवंटन की शर्तें व पात्रता गरीबों को मुफ्त मकान देने की नीति आने के बाद तय होगी। सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों को देश के अन्य राज्यों में चल रही इस तरह की योजनाओं का अध्ययन करने को कहा गया है।
मकान बनाने वाले बिल्डरों को मिलेगी छूट
राज्य सरकार द्वारा गरीबों को जो मकान दिया जाएगा उसमें सरकार चाहती है कि गरीबों को मुफ्त दिए जाने वाला मकान बिल्डर बनाकर दें और उस पर कोई खर्च न आए। बिल्डरों को इसके एवज में अन्य योजनाओं में छूट दी जाएगी, जिससे उसकी इन मकानों को बनाने में खर्च होने वाली रकम की भरपाई होगी। छूट में जमीन का भू-उपयोग बदलने व मल्टी स्टोरी भवन बनाने के लिए फ्लोर एरिया रेशियो यानी कम जमीन पर अधिक निर्माण की छूट दी जा सकती है। इसके अलावा भू-उपयोग बदलने के एवज में लगने वाले शुल्क में भी छूट दी जा सकती है। बिल्डरों के अलावा विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद को भी मकान बनाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
मायावती ने भी की इस योजना की शुरुआत
इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी गरीबों को मकान देने की योजना बनाई थी। इस योजना का नाम था कांशीराम आवास योजना। इस योजना के तहत मल्टी स्टोरी भवनों में गरीबों को मुफ्त मकान बनाकर दिए गए थे। समाजवादी पार्टी की सरकार आने के बाद 2012 में इस योजना को बंद कर दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि अब इसी तर्ज पर प्रदेश की भाजपा सरकार योजना लाने की तैयारियों में जुटी है। इस योजना को दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर लांच करने की तैयारी है।
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