देहरादून। कांग्रेस की प्रस्तावित रैली में भारी संख्या में भीड़ उमड़ी। लोकभवन घेराव कूच से पहले प्रदेश प्रभारी शैलजा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता एक साथ मंच पर दिखे। राज्यपाल आवास कूच के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रचार प्रसार सामग्री लगाई गई थी, लेकिन आज सुबह इन्हें हटा दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि सरकार आवाज दबाना चाहती है।
इस दौरान कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रदेश के अनेकों जिलों से कार्यकर्ताओं का परेड ग्राउंड पहुंचना लगातार जारी रहा. मंच पर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सीडब्ल्यूसी मेंबर करन माहरा, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह मौजूद रहे।
यशपाल आर्य ने कहा कि, भाजपा सरकार के कुशासन से मुक्ति पाने के लिए आज एक जन सैलाब देहरादून की सड़कों पर उतर आया है। राज्य में प्रचंड बहुमत की सरकार ने जनादेश का अपमान किया है। राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और राज्य में जंगल राज कायम है। चारों तरफ बढ़ते अपराधों से भय का वातावरण व्याप्त है। प्रदेश में रोजगार खत्म हो गए हैं और नौजवानों के हाथों में काम नहीं है। पलायन बदस्तूर जारी है। दूसरी तरफ पहाड़ों में विद्यालयों को बंद किया जा रहा है। अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हो रखी है।
लगातार उत्तराखंड आपदा का दंश झेल रहा है। आज भी धराली, बूढ़ा केदार से लेकर घनसाली और जोशीमठ, थराली, मुनस्यारी, धारचूला और तराई क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित परिवारों को अभी तक बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। धराली में अभी भी 140 के करीब शव जमींदोज हैं। लेकिन सरकार ने चुप्पी साध रखी है। कांग्रेस के आंदोलन को कुचलने के लिए रात भर में सड़कों पर लगे कांग्रेस के पोस्टर बैनर हटा दिए गए। लेकिन अब यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि,कांग्रेस के इस प्रदर्शन में सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि आम जनमानस भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। क्योंकि राज्य इस वक्त त्राहिमाम कर रहा है। खुलेआम अपराधी बेखौफ होकर दिनदहाड़े गोलियां चला रहे हैं। राज्य में दिन प्रतिदिन महिला अपराधों में वृद्धि हो रही है। प्रदेश में भर्ती घोटाले हो रहे हैं। इन सबसे युवाओं में मायूसी है। गन्ने के समर्थन मूल्य के लिए किसान आंदोलनरत हैं। अब तो पहाड़ों में सेब के किसान भी देहरादून जाकर प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं। विभागों की कार्यशैली से लोग परेशान हो गए हैं। प्रदेश की बेटियों को सुरक्षित रखने के लिए, बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर कांग्रेस आज निर्णायक लड़ाई लड़ने जा रही है।
हरक सिंह रावत ने कहा कि,राज्य की कानून व्यवस्था चौपट हो गई है। देहरादून जिले में 15 दिन के भीतर पांच हत्याएं हो गई। आज पूरा उत्तराखंड अपराधियों के हौसलों से भयभीत है। पहाड़ों के निवासी जंगली जानवरों से डर के साए में अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इसलिए कांग्रेस पार्टी ने यह कार्यक्रम, अमन चैन कायम रखने, प्रदेश के अंदर शांति व्यवस्था, नौजवानों को रोजगार मिलने, पेपर लीक ना होने, नकल, भू और शराब माफियाओं से प्रदेश को मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से रखा है।
वहीं, विभिन्न मुद्दों को लेकर हजारों की संख्या में लोकभवन कूच करने निकले कांग्रेसियों को पुलिस ने हाथी बड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद कई कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। उधर, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और उनके समर्थक पहला बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्य बैरिकेडिंग तक पहुंचे।
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