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मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अब सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ गीत के 6 छंद अनिवार्य

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बुधवार सुबह नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देश के तहत, अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और कई महत्वपूर्ण आयोजनों में ‘वंदे मातरम्’ बजना अनिवार्य होगा। सभी लोगों को खड़े होकर इसका सम्मान करना होगा, ठीक वैसे ही जैसे राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समय होता है। लेकिन सिनेमा हॉल में फिल्मों के दौरान यह नियम लागू नहीं होगा।

जानकारी के मुताबिक सभी सरकारी कार्यक्रमों और विद्यालयों में राष्ट्रगान (जन गण मन) के पहले बजाया जाना है। इसके साथ-साथ वंदेमातरम का पूरा छह छंदों वाला संस्करण, खड़े होकर सुनना अनिवार्य होगा। जी हां ये निर्णय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति के लिए पहली बार विस्तृत और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 28 जनवरी को जारी 10 पृष्ठों के इस आदेश में मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ‘वंदे मातरम्’ का पूरा छह छंदों वाला संस्करण, जिसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड है, अब कई महत्वपूर्ण सरकारी और आधिकारिक अवसरों पर अनिवार्य रूप से बजाया या गाया जाएगा। यह आदेश सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, विभिन्न मंत्रालयों तथा संवैधानिक संस्थाओं को भेजा गया है। इसके साथ-साथ राज्यपालों के आने और उनके भाषणों से पहले और उसके बाद भी इसे निर्धारित समय में पालन करना आवश्यक होगा।

केंद्र की मोदी सरकार ने वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के अवसर पर यह बड़ा फैसला लिया है। अब किसी भी सरकारी समारोह में वंदे मातरम के 6 छंद गाना आवश्यक होगा। अब तक राष्ट्रीय गीत के गायन या वादन के लिए कोई औपचारिक नियमावली नहीं थी, जबकि राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल पहले से मौजूद हैं। मंत्रालय के अनुसार, जब ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ दोनों को एक साथ प्रस्तुत किया जाए, तो पहले राष्ट्रीय गीत बजाया या गाया जाएगा। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।

हालांकि, यदि कोई समाचार फिल्म या वृत्तचित्र में राष्ट्रीय गीत फिल्म के हिस्से के रूप में बजता है, तो दर्शकों से खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि इससे प्रदर्शन में व्यवधान आ सकता है।आदेश में कार्यक्रमों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है।

अनिवार्य प्रस्तुति वाले अवसर

इनमें नागरिक अलंकरण समारोह, राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान पर औपचारिक राज्य समारोह, राष्ट्रपति के आकाशवाणी-दूरदर्शन संबोधन से ठीक पहले और बाद में, राज्यपाल/उपराज्यपाल के आगमन-प्रस्थान पर राज्य स्तरीय समारोह, राष्ट्रीय ध्वज की परेड के दौरान तथा भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से निर्देशित अन्य अवसर शामिल हैं। बैंड द्वारा वादन के समय पहले ढोल की थाप (ड्रम रोल) दी जाएगी, जो मार्चिंग ड्रिल के अनुसार 7 कदमों की होगी। रोल धीमी गति से शुरू होकर अधिकतम स्तर तक पहुंचेगा और फिर धीरे-धीरे कम होगा।

सामूहिक गायन अनिवार्य वाले अवसर

राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन या परेड से अलग अन्य औपचारिक समारोहों में राष्ट्रीय गीत के साथ सामूहिक गायन जरूरी होगा। इसके लिए प्रशिक्षित गायक दल (क्वायर) की व्यवस्था की जा सकती है और उचित ध्वनि विस्तार प्रणाली सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर गीत के बोल मुद्रित रूप में वितरित किए जा सकते हैं।

वैकल्पिक प्रस्तुति वाले अवसर

स्कूलों में दिन की शुरुआत सामूहिक गायन से की जा सकती है। विद्यालय प्रबंधन छात्रों में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना जगाने के लिए उचित इंतजाम करें. साथ ही, गैर-औपचारिक लेकिन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों (जैसे मंत्रियों की उपस्थिति वाले आयोजन) में भी सामूहिक गायन को बढ़ावा दिया जा सकता है।

मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि राष्ट्रीय गीत का गायन मातृभूमि के प्रति सम्मान और शिष्टाचार के साथ किया जाए। जहां तक सम्मानपूर्वक प्रस्तुति हो, वहां कोई आपत्ति नहीं होगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ‘वंदे मातरम्’ की रचना की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह गीत स्वतंत्रता संग्राम का प्रमुख प्रेरणा स्रोत रहा है और अब इसे राष्ट्रगान के समान गरिमा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन नियमों से राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति एकरूप सम्मान और जागरूकता बढ़ेगी।

जानिए कौन से हैं वे छंद

छंद-1

वन्दे मातरम्।

सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्।

शस्यशामलां मातरम्।

शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं।

फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं।

सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं।

सुखदां वरदां मातरम्।।

वन्दे मातरम्।।

छंद-2

वन्दे मातरम्।

कोटि-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले।

कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले।

अबला केन मा एत बले।

बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं।

रिपुदलवारिणीं मातरम्।।

वन्दे मातरम्।।

छंद-3

वन्दे मातरम्।

तुमि विद्या, तुमि धर्म।

तुमि हृदि, तुमि मर्म।

त्वं हि प्राणाः शरीरे।

बाहुते तुमि मा शक्ति।

हृदये तुमि मा भक्ति।

तोमारई प्रतिमा गडि।

मन्दिरे-मन्दिरे मातरम्।।

वन्दे मातरम्।।

छंद-4

वन्दे मातरम्।

त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी।

कमला कमलदलविहारिणी।

वाणी विद्यादायिनी।

नमामि त्वाम्।

नमामि कमलां अमलां अतुलां।

सुजलां सुफलां मातरम्।।

वन्दे मातरम्।।

छंद-5

वन्दे मातरम्।

श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषितां।

धरणीं भरणीं मातरम्।

शत्रु-दल-वारिणीं।

मातरम्।।

वन्दे मातरम्।।

छंद-6

वन्दे मातरम्।

त्वं हि शक्ति, त्वं हि शक्ति।

त्वं हि शक्ति मातरम्।

वन्दे मातरम्।।

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