देहरादून : उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां जोरों से चल रही है, यात्रा हर साल अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हो जाती है, जहां एक ओर शासन-प्रशासन और बदरी केदार मंदिर समिति की ओर से व्यवस्थाओं को मुकम्मल कराया जा रहा है तो वहीं, दूसरी ओर उत्तराखंड चारधाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित के साथ ही मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है, इसके बाद से ही तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं, वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसको लेकर ही प्रावधान कर रहे हैं।
उत्तराखंड राज्य के पौराणिक मंदिरों और स्थलों में गैर हिंदुओं के प्रवेश की मांग लंबे समय से की जा रही है, सबसे पहले इसकी शुरुआत हरिद्वार गंगासभा ने हरकी पैड़ी में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित करने की मांग उठाई है, इसके बाद बदरी-केदार मंदिर समिति ने भी निर्णय लिया है कि बीकेटीसी के अधीन आने वाले सभी 47 मंदिरों और स्थलों में भी गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित कर दिया जाएगा, गंगोत्री मंदिर समिति और यमुनोत्री मंदिर समिति ने भी धामों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित कर दिया है, चारधाम यात्रा की तैयारी को लेकर पिछले महीने हुई बैठक के दौरान गढ़वाल कमिश्नर ने निर्णय लिया है कि चारधाम के मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और कैमरे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे।
उत्तराखंड चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है, ऐसे में चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जो भी निर्णय लिए गए हैं, उसके पीछे यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसको लेकर ही प्रावधान कर रहे हैं। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।
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