देहरादून। विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत आज मंगलवार से राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। 20 फरवरी को प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 का आम बजट पेश करेगी। वहीं, इस बजट सत्र में 30 विधायकों के 521 सवाल गरमाएंगे। आगामी 20 फरवरी को वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल दोपहर 12.30 बजे बजट पेश करेंगे। एक लाख करोड़ से अधिक बजट होने का अनुमान है। इस बार बजट में विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा, राज्य में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए नए वित्तीय प्रावधान किए जाने की भी उम्मीद है।
वहीं,प्रदेश सरकार की ओर से दो विधेयक व तीन अध्यादेश भी सदन पटल पर आएंगे। पेपरलेस सत्र की पहल के तहत पहली बार सत्र ई-विधानसभा में होगा। इसके लिए सदन में सभी सदस्यों के बैठने के स्थान पर टैबलेट लगाए गए। इसके माध्यम से ही विधायकों को एजेंडा, प्रश्नों की जानकारी मिलेगी।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक हुई। जिसमें कांग्रेस विधायकों ने सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा कर सुझाव दिए। आर्य ने कहा कि सत्र की अवधि कम होने का कांग्रेस की ओर से कड़ा विरोध किया जाएगा। प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं व जनहित के मुद्दों पर गंभीर नहीं है और न ही सदन में बहस करना चाहती है। कांग्रेस की मांग है कि कम से कम 15 दिन का सत्र चले। इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए सदन से सड़क तक कांग्रेस विरोध करेगी। इसके अलावा भू-कानून, स्मार्ट मीटर, भ्रष्टाचार, आपदा, स्वास्थ्य, शिक्षा के मुद्दों पर सदन में उठाया जाएगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार को इस बात का आभास हो गया कि विपक्ष की ओर से सदन में गैरसैंण समेत कई जनहित के मुद्दों को उठाया जाएगा। इससे सरकार परेशान है। गैरसैंण में सत्र कराने में सरकार व उनके मंत्रियों को ठंड लग जाती है। हरीश रावत ने तंज कसते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, विधानसभा में गैरसैंण शब्द आने की स्थिति में सरकार ने अधिकारियों से कहा है कि विधानसभा में ठंड ज्यादा बढ़ सकती है। इसलिए पूरे परिसर के एसी बंद कर दिए जाएं। बजट प्रस्तुत करते समय वित्त मंत्री भी कंबल ओढ़े हुए हों।