Thursday , January 29 2026
Breaking News
Home / उत्तराखण्ड / विजय दिवस : भारत-पाक जंग में शहीद हुए थे उत्तराखंड के 255 सपूत

विजय दिवस : भारत-पाक जंग में शहीद हुए थे उत्तराखंड के 255 सपूत

  • पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में घायल हुए थे 78 सैनिक, 74 जवानों को मिले थे वीरता पदक

देहरादून। मातृभूमि के लिए शहादत देने में उत्तराखंड के जांबाज हमेशा आगे रहे हैं। विजय दिवस के रूप में मनाये जाने वाले 1971 के भारत-पाक युद्ध में उत्तराखंड के 255 जांबाजों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए कुर्बानी दी थी और 78 सपूत घायल हुए थे।
जननी जन्मभूमि के लिए शहादत देने वाले उत्तराखंड के 74 जवानों को वीरता पदक भी मिले थे। वर्ष 1971 में हुए युद्ध में दुश्मन सेना को घुटनों पर लाने में उत्तराखंड के वीर जवानों ने अग्रणी भूमिका निभाई।
तत्कालीन सेनाध्यक्ष सैम मानेकशॉ (बाद में फील्ड मार्शल) और बांग्लादेश में पूर्वी कमान का नेतृत्व करने वाले सैन्य कमांडर ले. जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा ने भी उत्तराखंड के वीर जवानों के साहस को सलाम किया था। 
गौरतलब है कि वर्ष 1971 में 16 दिसंबर के दिन ही पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल एके नियाजी ने करीब नब्बे हजार सैनिकों के साथ भारत के लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने आत्मसमर्पण किया था। इस दौरान जनरल नियाजी ने अपनी पिस्तौल भी समर्पित की थी। यह पिस्तौल और कॉफी टेबल बुक आज भी भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में सुरक्षित है। जनरल अरोड़ा ने यह पिस्टल आईएमए के गोल्डन जुबली वर्ष 1982 में अकादमी को प्रदान की थी। इसी युद्ध से जुड़ी दूसरी वस्तु पाकिस्तानी ध्वज है, जो आईएमए में उल्टा लटका हुआ है। इस ध्वज को भारतीय सेना ने पाकिस्तान की 31 पंजाब बटालियन से युद्ध के दौरान कब्जे में लिया था। युद्ध की एक ओर निशानी कॉफी टेबल बुक कर्नल (रिटायर्ड) रमेश भनोट ने 38 वर्ष बाद जून 2008 में आईएमए को सौंपी थी।

About team HNI

Check Also

उत्तराखंड में बदला मौसम, आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

देहरादून। आखिरकार उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला। आज सुबह से राजधानी देहरादून सहित प्रदेश …

Leave a Reply