केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है। पंजाब, यूपी सहित 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के इस फैसले से कई राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच दोबारा गठबंधन होगा? क्योंकि कृषि कानूनों के विरोध में ही अकाली दल ने भगवा दल से नाता तोड़ लिया था। इस बीच, सुखबीर बादल ने इस संभावना को खारिज किया है।
सुखबीर बादल ने मोदी सरकार के फैसले पर कहा, ”700 जानें (आंदोलन के दौरान) चली गई हैं, शहादतें हो गई हैं, यही बात मैंने संसद में पीएम से कहा था कि जो आपने काले कानून बनाए हैं, इन्हें देश के किसान नहीं मानते। आप मत कानून लेकर आएं, जो हमने बात कही थी वह सच हुई।” सुखबीर बादल से जब पूछा गया कि क्या अकाली दल दोबारा बीजेपी से गठबंधन करेगी तो उन्होंने इसका जवाब ना में दिया।
कृषि कानूनों की वजह से ही बीजेपी का अकाली दल से दो दशक पुराना नाता 2020 में टूट गया था। अकाली दल का भगवा दल के साथ गठबंधन ऐसे समय में हुआ था, बीजेपी को राष्ट्रीय राजनीति में अछूत माना जाता था। सितंबर 2020 में यह गठबंधन टूट किया। अकाली दल के कोटे से मोदी सरकार में खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, अध्यादेश जारी करते समय अकाली दल ने सरकार का साथ दिया था, लेकिन संसद से कानून पास होते समय यूटर्न ले लिया। माना गया कि पंजाब में किसानों के आक्रोश को देखकर अकाली दल ने राजनीतिक नुकसान को भांपते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया था।
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