दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी कैबिनेट के दो नए मंत्रियों की नियुक्ति संबंधी फाइल दबाने को लेकर केंद्र सरकार को फटकारा है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दिल्ली सरकार की गतिविधियों को रोक रही है.
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है कि केंद्र पिछले 10 दिनों से फाइल दबाए हुए है. इस वजह से दिल्ली सरकार की कई गतिविधियां थम गई है. आपकी दुश्मनी हमारे साथ है, दिल्ली के लोगों के साथ बदला मत लीजिए.
इस मामले पर मनीष सिसोदिया ने भी ट्वीट किया है-दिल्ली में 2 नए मंत्री की मंजूरी की फाइल 10 दिन से केंद्र सरकार लेकर बैठी है।अब तो कपिल का धरना और मीडिया की नौटंकी खत्म हो गई, अब तो कर दो. आप के नेता आशुतोष ने भी ट्वीट किया है कि केंद्र सरकार आप सरकार को मंत्री तक नियुक्त नहीं करने दे रही है. मंत्री नियुक्ति की फ़ाइल भेजे दस दिन हो गये, कोई जवाब नहीं.
दो मंत्रियों की फ़ाइल पर केंद्र 10 दिनों से बैठा है। दिल्ली सरकार में कई काम रुके हैं। आपकी हमसे दुश्मनी है, दिल्ली की जनता से तो बदला मत लो
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 16, 2017
दिल्ली में 2 नए मंत्री की मंजूरी की फाइल 10 दिन से केंद्र सरकार लेकर बैठी है।अब तो कपिल का धरना और मीडिया की नौटंकी खत्म हो गई, अब तो कर दो।
— Manish Sisodia (@msisodia) May 16, 2017
केंद्र सरकार आप सरकार को मंत्री तक नियुक्त नहीं करने दे रही है । मंत्री नियुक्ति की फ़ाइल भेजे दस दिन हो गये, कोई जवाब नहीं ।
— ashutosh (@ashutosh83B) May 16, 2017
इससे पूर्व मंगलवार को पार्टी में दरार की अटकलों के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आप के सभी विधायकों और उनके परिवार के लोगों के लिए रात्रि भोज का आयोजन किया. पार्टी विधायकों ने रात्रि भोज को मुख्यमंत्री की तरफ से आयोजित सामान्य स्नेह मिलन समारोह बताया, लेकिन कहा कि नेतृत्व संदेश देना चाहता है कि सभी विधायकों से अच्छे संपर्क हैं. समझा जाता है कि विधायकों ने केजरीवाल को अपने समर्थन का संकल्प जताया. बर्खास्त मंत्री कपिल मिश्रा के आरोप के बाद यह रात्रि भोज दिया गया है. मिश्रा ने आरोप लगाए थे कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने मुख्यमंत्री को दो करोड़ रुपये दिए थे.
हाल फिलहाल पिछले 15 दिन से आम आदमी पार्टी एक के बाद एक कई मामलों में उलझी हुई है. एमसीडी चुनाव में मिली पराजय के बाद तो पार्टी लगातार खबरों में है. शुरुआत कुमार विश्वास और आप विधायक अमानतुल्ला खान के विवाद से हुई. अमानतुल्ला ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि विश्वास बीजेपी की शह पर पार्टी को तोड़ना चाहते हैं. विश्वास ने इसे अपनी छवि खराब करने का हथकंडा बताया और अमानतुल्ला के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की. तब केजरीवाल के साथ हुए समझौते के अनुसार अमानतुल्ला खान को पार्टी के विभिन्न पदों से हटा दिया गया, लेकिन साथ ही केजरीवाल के प्रति वफादारी के एवज में क्षतिपूर्ति के रूप में उन्हें दिल्ली विधानसभा के कई कमेटियों में शामिल कर लिया गया.
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