नैनीताल। यहां ओखलकांडा ब्लॉक में तेंदुओं का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। बीते शनिवार को धैना ग्रामसभा के सरपंच हरीश सिंह की पत्नी खिमुली देवी (45) को तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया। तेंदुओं के हमलों में चार दिन में तीन लोगों की मौतों से ग्रामीणों में दहशत है।
घटनाक्रम के अनुसार शनिवार दोपहर दो बजे खिमुली देवी अपने 10 साल के बेटे को लेकर घास काटने घर के पास के खेत पर गई थी। इस दौरान खेत में घात लगाए तेंदुए ने खिमुली पर हमला कर दिया। तेंदुए को हमला करता देख बेटे ने घर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को बताया। परिजनों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर शोर मचाया तो तेंदुआ महिला को घायल कर जंगल की ओर भाग निकला। परिजन घायल हालत में महिला को अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
वन विभाग ने मृतका के परिजनों को 25 हजार की आर्थिक सहायता राशि दी है। चंपावत के डीएफओ मयंक शेखर झा ने बताया कि महिला पर हमला करने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव भेजी गई है। गांव में पिंजरा भी भेजा जा रहा है। तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के लिए अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
उधर ओखलकांडा ब्लॉक में तेंदुओं के हमलों में तीन मौतों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है तो वहीं जनप्रतिनिधियों में वन विभाग के लिए आक्रोश है। पूर्व विधायक दान सिंह भंडारी ने कहा कि वन विभाग की लापरवाही के चलते तेंदुओं के हमले बढ़ रहे हैं। अब तक वन विभाग तेंदुए को आदमखोर घोषित नहीं कर पाया है। उन्होंने तीन दिन के भीतर तेंदुए के न पकड़े जाने पर डीएफओ और कंजरवेटर कार्यालय में धरने प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
हल्द्वानी मंडी समिति अध्यक्ष मनोज साह ने बताया कि क्षेत्र में तीन मौतों से ग्रामीणों में डर का माहौल है, लेकिन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। सीएम को घटना से अवगत कराने के साथ शासन और जिला प्रशासन से तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के लिए कहा है। कुकना के पूर्व प्रधान मदन नौलिया ने बताया कि वन विभाग की लापरवाही से ही आदमखोर तेंदुआ ग्रामीणों को अपना शिकार बना रहा है।
उधर धारी के एसडीएम अनुराग आर्या ने बताया कि तुषराण में 13 साल की नेहा कफल्टिया को मारने वाले तेंदुए के लिए शिकारी को बुला लिया है। शिकारी गांव में पहुंचकर तेंदुए के शिकार में लग गए है। साथ ही बजवाल और धैना ग्रामसभा में भी शिकारी बुलाने की कार्रवाई चल रही है।
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