हल्द्वानी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नैनीताल के हल्द्वानी शहर के बहुचर्चित रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले ने अब जोर पकड़ लिया है। जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन आज से अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ पीड़ित लोगों ने वनभूलपुरा क्षेत्र में सत्याग्रह शुरू कर दिया है। रेलवे द्वारा की जाने वाली पिलरबंदी की कार्यवाही के विरोध में हल्द्वानी में आज हजारों लोग कड़ाके की सर्दी के बीच सड़क पर बैठ गए हैं। पुलिस ने आसपास के इलाकों को सील कर दिया है।

रेलवे अतिक्रमण पीड़ितों के साथ विधायक सुमित हृदयेश, सपा प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी, सपा महासचिव शोएब अहमद व अन्य नेता शामिल हैं। लोगों का कहना है कि अगर हमारे घर उजाड़ दिए जाते हैं तो हम कहा जाएंगे। उनका कहना है पिछले कई दशकों से हजारों की संख्या में परिवार बसा हुआ है। लेकिन आज उनको उजाड़ने का काम किया जा रहा है। स्कूल में पढ़ रहे हमारे बच्चों का भविष्य भी खतरे में आ जाएगा। लोगों का कहना है कि उजड़ने वाले लोगों में बच्चें, महिलाएं और बुजुर्ग भी काफी बड़ी संख्या में है। ऐसे हालात में वह लोग कहां अपने सिर छिपाएंगे। बता दें की हाईकोर्ट के आदेश के बाद रेलवे की 78 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए 4365 भवनों को ध्वस्त किया जाना है।

सीमांकन के लिए एक टीम बनाई गई है। इसमें रेलवे, राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम शामिल हैं। वहीं, रेलवे अतिक्रमण हटाने के दौरान शस्त्रों के दुरुपयोग की संभावना को देखते हुए डीएम धीराज गर्ब्याल ने बनभूलपुरा थाने के एसओ को उस क्षेत्र के सभी लाइसेंसी असलहे जमा करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद बनभूलपुरा क्षेत्र के एसओ ने शस्त्र जमा कराने शुरू करा दिए हैं।
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