नई दिल्ली-भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले कृषि और संसाधित खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) सहजन (वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलीफेरा) के उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निजी इकाइयों का सहयोग कर जरूरी सुविधाएं तैयार कर रही है। एपीडा के तहत निर्यातक के रूप पंजीकृत तेलंगाना के मैसर्स मेडीकोंडा न्यूट्रीएंट्स ने एपीडा से मिले सहयोग के जरिए निर्यात शुरू कर दिया है। कंपनी ने करीब 240 हेक्टेअर क्षेत्र में सहजन के पौधो को लगाया है। कंपनी की योजना है कि वह करीब 40 मीट्रिक टन सहजन के पत्तों से बने पाउडर का निर्यात अमेरिका को करेगी। इसके लिए तेलंगाना के पुलकल मोंडल संगारेड्डी जिले के गोंगलूर गांव में सहजन की प्रसंस्करण इकाई लगाई है। इसके जरिए कुछ वर्षों में ही निर्यात में बढ़ोतरी होगी जिसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा।

सहजन का इस्तेमाल सैकड़ों वर्ष से उपचार और मानव शरीर को फायदा पहुंचाने वाले गुणों की वजह से किया जाता रहा है। इसी वजह से वैश्विक स्तर पर सहजन के उत्पादों/पत्तियों से बने पाउडर और सहजन के तेल की मांग में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय संगठन और संस्थान भी सहजन के पोषक तत्व प्राप्त करने और फोर्टिफाइड भोजन बनाने के इस्तेमाल के रूप में भी संभावना देख रहे है। एपीडा के सहयोग का ही परिणाम है कि 29 दिसंबर 2020 को एपीडा के अध्यक्ष डॉ. एम.अंगामुथु ने हरी झंडी दिखाकर दो टन जैविक सहजन के पाउडर का निर्यात अमेरिका को हवाई मार्ग के जरिए किया।
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