पिथौरागढ़। उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक बीते दो दिनों से रुक-रुककर लगातार हो रही बारिश के कारण जहां आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहीं नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। कुमाऊं मंडल में बारिश से हाहाकर मचा हुआ है। चंपावत के बाद पिथौरागढ़ से भी बादल फटने की घटना सामने आई है। पिथौरागढ़ जिले में बिसाड़ इलाके के गढ़कोट गांव में बादल फटा है। बादल फटने के बाद पहाड़ी से आया मलबा एक घर में घुस गया, जिससे घर में मौजूद महिला और चार मवेशियों की मौत हो गई। वहीं महिला के बेटे-बहु और पोते ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
एसपी रेखा यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। संयुक्त टीम ने मलबे में फंसे शव को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेजा। मलबे के लगातार गिरने और बारिश के कारण रेस्क्यू कार्य में मुश्किलें आईं, लेकिन टीमों ने साहस और धैर्य का परिचय देते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।
बताया जा रहा है कि पहाड़ी से पानी के सैलाब के साथ आया मलबा जब घर में घुसा तो उस समय देवकी देवी के साथ उनका पोता प्रियांशु, बेटा मनोज चंद्र उपाध्याय और बहू चंद्रकला उपाध्याय भी मौजूद थे, जिन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। लेकिन देवकी देवी भाग नहीं पाई और उनकी इस हादसे में मौत हो गई। इसके अलावा मकान के पास स्थित गोठ में बंधी दो गायें और दो बछड़े भी आपदा की भेंट चढ़ गए।
एसपी पिथौरागढ़ रेखा यादव ने बताया कि भारी बारिश की दृष्टिगत एसडीआरएफ, पुलिस और फायर बिग्रेड की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है
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