उत्तराखंड मतदाता सूची 2026 जारी: SIR के बाद 71.58 लाख वोटर, 9.31 लाख नाम कटे
देहरादून: उत्तराखंड मतदाता सूची 2026 का अंतिम प्रकाशन शनिवार को किया जा रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की करीब चार महीने चली प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रदेश में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने देहरादून में प्रेस वार्ता कर अंतिम आंकड़ों की जानकारी दी।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, इस अंतिम सूची में 1,29,872 ऐसे मतदाता भी शामिल हैं जिनके नाम पुनरीक्षण के दौरान पहली बार जोड़े गए।
उत्तराखंड मतदाता सूची 2026: आंकड़ों में पूरी तस्वीर
जब 8 जून को SIR की शुरुआत हुई थी, तब प्रदेश की मतदाता सूची में लगभग 79 लाख नाम दर्ज थे। गणना प्रपत्रों के सत्यापन के बाद 14 जुलाई को जारी ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर करीब 71.33 लाख रह गई थी।
पूरी प्रक्रिया में कुल 9,31,685 नाम सूची से हटाए गए। इसके बाद दावे-आपत्तियों के निस्तारण और नए आवेदनों के जुड़ने से अंतिम सूची में ड्राफ्ट के मुकाबले करीब 25 हजार मतदाता बढ़े हैं।
15 सितंबर की जगह 3 अक्तूबर को क्यों आई सूची
पहले अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को जारी होनी थी। लेकिन चुनाव आयोग ने पांच जिलों के मतदाताओं का उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से मिलान कराने के लिए समय बढ़ाया और प्रकाशन की तारीख 3 अक्तूबर तय की।
14 जुलाई से 13 अगस्त तक लोगों को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया गया था, जबकि सुनवाई और निस्तारण का काम 28 सितंबर तक चला।
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जिनका नाम कटा, वे क्या करें
निर्वाचन विभाग का कहना है कि अंतिम सूची जारी होने के बाद नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिन पात्र लोगों के नाम सूची में नहीं हैं या पुनरीक्षण में हट गए हैं, वे फॉर्म-6 भरकर दोबारा मतदाता बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मतदाता अपना नाम निर्वाचन आयोग के पोर्टल, वोटर हेल्पलाइन ऐप या अपने बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के जरिये जांच सकते हैं। 18 वर्ष पूरे कर चुके युवा भी इसी प्रक्रिया से नाम जुड़वा सकते हैं।
आगे क्या
अंतिम सूची के प्रकाशन के साथ प्रदेश में मतदाताओं की संख्या की आधिकारिक तस्वीर साफ हो गई है। आने वाले दिनों में जिलेवार आंकड़े और नए मतदाता पंजीकरण अभियान का कार्यक्रम जारी होने की उम्मीद है, जिस पर राजनीतिक दलों की भी नजर रहेगी।
फीचर्ड तस्वीर AI से बनी प्रतीकात्मक तस्वीर है, यह घटना की असली तस्वीर नहीं है।
