भारत में बिजली संकट: सितंबर में बिजली की कमी 5 गुना बढ़ी, कोयला भंडार नाजुक
नई दिल्ली: आमतौर पर गर्मी खत्म होते ही बिजली की मांग घटने लगती है, लेकिन इस बार सितंबर में तस्वीर उलटी रही। ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया (ग्रिड-इंडिया) के आंकड़ों के आधार पर आई रिपोर्टों के मुताबिक भारत में बिजली संकट सितंबर 2026 में पिछले तीन साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। महीने भर में देश में करीब 544 मिलियन यूनिट बिजली की कमी दर्ज की गई, जो अगस्त के 98 मिलियन यूनिट के मुकाबले लगभग पांच गुना है।
भारत में बिजली संकट: आंकड़े क्या कहते हैं
रिपोर्टों के अनुसार 15 सितंबर को एक ही दिन में 54 मिलियन यूनिट की कमी दर्ज हुई। 30 सितंबर को देश ने 248 गीगावाट की अधिकतम मांग पूरी की, लेकिन उसी शाम पीक समय में करीब 1,551 मेगावाट की कमी रही। सौर ऊर्जा न मिलने वाले घंटों में यह कमी 3,358 मेगावाट तक पहुंच गई। मई 2026 में देश की बिजली मांग 270 गीगावाट के पार का रिकॉर्ड बना चुकी है। राहत की बात यह है कि कुल मांग के मुकाबले यह कमी अभी करीब 0.6 प्रतिशत ही है।
कमजोर मानसून और बढ़ती मांग
विशेषज्ञ इस स्थिति के पीछे कई कारण गिना रहे हैं। अल नीनो के असर से इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रहा, जिससे तापमान ऊंचा बना रहा और सिंचाई के लिए बिजली की खपत बढ़ी। कम बारिश की वजह से पनबिजली उत्पादन भी घटा। इसके साथ ही औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से सितंबर में बिजली खपत करीब 11 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।
थर्मल प्लांटों में कोयला भंडार नाजुक
देश की 70 प्रतिशत से ज्यादा बिजली कोयले से चलने वाले संयंत्रों से आती है, और यहीं सबसे बड़ी चिंता है। रिपोर्टों के अनुसार 30 सितंबर को थर्मल प्लांटों के पास तय मानक का केवल 36 प्रतिशत कोयला था और 84 संयंत्र गंभीर रूप से कम भंडार पर चल रहे थे। पूर्वी भारत के खनन क्षेत्रों में लंबी बारिश से खनन और ढुलाई दोनों पर असर पड़ा है।
सरकार ने उठाए कदम, आगे क्या
हालात संभालने के लिए केंद्र ने 100 से ज्यादा कैप्टिव कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को 1 अक्टूबर से साल के अंत तक पूरी क्षमता पर चलाने का निर्देश दिया है, ताकि अतिरिक्त बिजली ग्रिड को मिल सके। चालू वित्त वर्ष में बिजली की मांग 6.5 से 7 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। आने वाले हफ्तों में रबी सीजन की सिंचाई और त्योहारों के कारण मांग और बढ़ सकती है, इसलिए कोयले की आपूर्ति और ढुलाई की रफ्तार पर सबकी नजर रहेगी।
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फीचर्ड तस्वीर AI से बनी प्रतीकात्मक तस्वीर है, यह घटना की असली तस्वीर नहीं है।
