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उत्तराखंड भूस्खलन: कुमाऊं में भरभराकर गिरा पहाड़ का हिस्सा, वीडियो वायरल

देहरादून/कुमाऊं: उत्तराखंड भूस्खलन का एक और डराने वाला दृश्य सामने आया है। कुमाऊं क्षेत्र का बताया जा रहा एक वीडियो 1 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिसमें एक पहाड़ी ढलान का बड़ा हिस्सा कुछ ही सेकंड में टूटकर नीचे की ओर खिसकता दिख रहा है। मलबा गिरते ही पूरी घाटी धूल के गुबार से भर जाती है।

वीडियो में क्या दिख रहा है

वीडियो में हरे-भरे पहाड़ के बीच से मिट्टी, बड़े पत्थर और मलबा एक साथ ढलान से नीचे लुढ़कते नजर आते हैं। कुछ ही पलों में पहाड़ का एक हिस्सा जैसे गायब हो जाता है और नीचे घाटी में धूल का घना बादल उठ जाता है। कई राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इस वीडियो को कुमाऊं क्षेत्र का बताया है।

हालांकि वीडियो किस जिले, किस गांव या किस सड़क के पास का है, इसकी सटीक जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जनहानि की कोई सूचना नहीं

अब तक की रिपोर्टों के मुताबिक इस घटना में किसी की मौत या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आसपास के घरों, सड़कों या अन्य ढांचे को कितना नुकसान हुआ, यह भी अभी स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी आने के बाद ही नुकसान की असली तस्वीर साफ होगी।

उत्तराखंड भूस्खलन: क्यों बढ़ रहा है खतरा

पिछले कुछ दिनों में राज्य के निचले इलाकों में बारिश और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। लगातार नमी से पहाड़ों की मिट्टी ढीली हो जाती है, जिससे ढलानें कमजोर पड़ती हैं। सितंबर में भी कुमाऊं के कई हिस्सों में पत्थर गिरने और मलबा आने से सड़कें बाधित हुई थीं, जिनमें पिथौरागढ़-टनकपुर मार्ग भी शामिल रहा।

मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई थी। ऐसे मौसम में संवेदनशील ढलानों पर अचानक भूस्खलन का खतरा बना रहता है।

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लोगों और यात्रियों के लिए सलाह

अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे कमजोर ढलानों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहें। पहाड़ी रास्तों पर यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें, मलबा गिरने वाली जगहों पर वाहन न रोकें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत आपदा नियंत्रण कक्ष या पुलिस को सूचना दें।

आगे प्रशासन की ओर से घटनास्थल और नुकसान को लेकर आधिकारिक जानकारी जारी होने की उम्मीद है। हिंदी न्यूज इंडिया इस खबर पर नजर बनाए हुए है।

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