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एक कचौड़ी दो समोसा: अखिलेश यादव का भाजपा पर तंज, लोकतंत्र सेनानियों से वादा

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने “एक कचौड़ी दो समोसा, भाजपा पर नहीं भरोसा” नारे का जिक्र करते हुए दावा किया कि जेन-जी और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मिलकर भाजपा को हराएंगे।

सोशल मीडिया पर चर्चित नारे से साधा निशाना

अखिलेश यादव ने कहा कि यह नारा सोशल मीडिया और प्रदर्शनों में लोगों की जुबान पर है। राज्यसभा चुनाव के समीकरणों पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने इसी अंदाज में भाजपा पर तंज कसा। सपा के तीसरे उम्मीदवार के सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले संख्या जुटाई जाएगी, उसके बाद ही नाम घोषित होगा। अखिलेश ने यह दावा भी किया कि कुछ पूर्व सदस्य सपा में लौटना चाहते हैं और भाजपा के कई लोग उनके संपर्क में हैं। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

लोकतंत्र सेनानियों को 51 हजार रुपये सम्मान राशि का वादा

सपा प्रमुख ने घोषणा की कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि बढ़ाकर 51 हजार रुपये की जाएगी और उन्हें मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों को पार्टी के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।

कानून-व्यवस्था और सड़कों पर उठाए सवाल

अखिलेश ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रही। उन्होंने लखनऊ में जलभराव की समस्या और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की हालत का मुद्दा भी उठाया। उनका दावा था कि करीब 45 किलोमीटर लंबे हिस्से में 76 गड्ढे हैं। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर खबर लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने चावल के दाने पर कलाकृति बनाने वाले माइक्रो आर्टिस्ट नसीम को सम्मानित भी किया, जिनका नाम लंदन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है।

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2027 चुनाव पर नजर

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक अखिलेश यादव के ऐसे नारे और वादे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी का हिस्सा हैं। आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव के लिए सपा के तीसरे उम्मीदवार के नाम और विपक्ष की संयुक्त रणनीति पर सबकी नजर रहेगी।

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