हल्द्वानी। शासन द्वारा प्रत्येक जिले में कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए बनाई गई कमेटी ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। हल्द्वानी में नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में संचालित कोचिंग सेंटर में प्रशासन की टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है। हैरत की बात यह है कि जिन कमरों में 20 बच्चों को बैठाने की क्षमता है उनमें 50 बच्चे तक बैठे मिले। इस दौरान भारी गड़बड़ी पाई जाने पर 6 कोचिंग सेंटरो को मौके पर ही सील किया गया। जबकि 10 को नोटिस दिए गए है।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई ने बताया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद पूरे राज्य भर के कोचिंग सेंटरो के औचक निरीक्षण और चेकिंग किए जा रहे हैं। ऐसे में डीएम नैनीताल के निर्देश पर एक कमेटी बनाई गई है। जिस पर कार्यवाई की गई है शहर भर के तमाम ऐसे कोचिंग सेंटर या शिक्षण संस्थान जो बेसमेंट में चल रहे हैं। उनमें मानकों को पूरा किया जा रहा है या नहीं इसको देखा जा रहा है। ऐसे में आज नवाबी रोड महिला डिग्री कॉलेज के पास एक बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर कई सारी गड़बड़ियां पाई गई जिसमें कोचिंग सेंटर के संचालक को तत्काल सारी गड़बड़ियों को ठीक करने के निर्देश दिए हैं उसके बाद ही कोचिंग सेंटर का संचालन करने को कहा गया है। दिल्ली में हुई घटना के बार सिस्टम जाग उठा है।
इन कोचिंग सेंटरों को किया गया सील…
विंड टेक्नोलाॅजी महिला डिग्री कॉलेज के सामने, शिक्षा कोचिंग सेंटर सांई कांप्लेक्स, डीडी स्किल डेवलपमेंट सेंटर सांई कांप्लेक्स, मैथ्स फॉर कॅरिअर देवलचौड़, स्कॉलर कोचिंग इंस्टीट्यूट महर्षि स्कूल के पास और हरक सिंह बिष्ट बिष्ट कांप्लेक्स महर्षि स्कूल के पास।
नगर निगम ने जब्त किए अवैध होर्डिंग…
अभियान के दौरान नगर निगम ने कोचिंग सेंटर के अवैध होर्डिंग्स को भी जब्त किया है। नगर आयुक्त ने बताया कि होर्डिंग्स लगाने के लिए परमिशन की जरूरत होती है लेकिन इनके पास परमिशन नहीं थी।
10 कोचिंग सेंटरों का काटा चालान…
पुलिस ने अभियान के दौरान 10 कोचिंग संस्थानों का पुलिस एक्ट पर चालान किया है। कोतवाल उमेश मलिक ने बताया कि इन कोचिंग संस्थानों के पास फायर उपकरण नहीं थे। इसके अलावा अन्य खामियां भी पाई गईं।
ये खामियां मिलीं…
क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जा रहे थे।
कमरों में थी सीलन।
फायर उपकरण नहीं थे।
कक्षाएं हवादार नहीं थी
कोचिंग सेंटर में आने-जाने का रास्ता था संकरा।
आग लगने या पानी भरने पर निकलने का नहीं था रास्ता, नियमानुसार आने-जाने के लिए दो रास्ते होने चाहिए।
कई कोचिंग संस्थान मालिक छापे की डर से बंद करके भाग गए।