अपने नए घर के गृह-प्रवेश के मौके पर अपनी अजीबोगरीब ख्वाहिश को पूरा करने के लिए एक व्यक्ति अपने मूल अधिकारों का दावा करने कर्नाटक  हाई कोर्ट जा पहुंचा। इस व्यक्ति की चाहत है कि 9 फरवरी को होने वाले गृ-प्रवेश के मौके पर उसके घर पर आसमान से फूल बरसें। जस्टिस एस बोपन्ना ने पुलिस विभाग को नोटिस जारी करने के बाद सुनवाई को 6 फरवरी तक के लिए टाल दिया है। कोर्ट ने इस पर हैरानी जताई कि याचिकाकर्ता ने कोर्ट के सामने अनुच्छेद-14 के तहत अपने मूल अधिकार के उल्लंघन का दावा किया है।

हैरानी जताते हुए जज बोपन्ना ने याचिकाकर्ता की अपील पर पूछा, ‘आपने अपने आमंत्रण पत्र में बताया है कि गृह प्रवेश के मौके पर आपके घर पर हेलिकॉप्टर से फूलों की बौछार की जाएगी। आपने दावा किया है कि आपके पड़ोसी को ऐसा करने की अनुमति दी गई थी। आप केवल इसी प्रतिस्पर्धा के लिए अनुच्छेद-14 में दिए गए समानता के मूल अधिकार के उल्लंघन का दावा ठोंक रहे हैं? आप अपना कानूनी अधिकार पेश कीजिए या फिर इस कोर्ट से परमादेश जारी करने के लिए हलफनामा दाखिल कीजिए।’

किराए पर हेलिकॉप्टर का कर दिया पेमेंट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, याचिकाकर्ता एम मुनिराजू ने कोर्ट को बताया कि बेंगलुरु ईस्ट तालुक के मुल्लूर गांव में अपने गृह प्रवेश के मौके पर घर पर हेलिकॉप्टर से फूलों की बौछार करने के लिए उसे अनुमति की जरूरत है। मुनिराज ने कोर्ट को बताया कि 29 दिसंबर 2016 को उसने देक्कन चार्टर्स से हेलिकॉप्टर किराए पर लेने की बात कही थी तब उसे बताया गया कि इसके लिए बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर से अनुमति लेनी होगी। मुनिराजू ने अगले दिन ही पुलिस कमिश्नर की अनुमति मांगी लेकिन उस पर अभी तक विचार नहीं किया गया। याचिकाकर्ता के मुताबिक, हेलिकॉप्टर एक-डेढ़ घंटे के लिए इस्तेमाल किया जाएगा और वह पहले ही हेलिकॉप्टर से घर पर फूलों की बारिश का जिक्र वाले आमंत्रण पत्र सबको भेज चुके हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं मिलती है तो वह गृह-प्रवेश के मौके पर मेहमानों के सामने अपमानित महसूस करेंगे। जस्टिस बोपन्ना ने याचिकाकर्ता को खर्चीले इंतजाम के लिए फटकार लगाते हुए महाराष्ट्र की एक दुल्हन का उदाहरण याद दिलाया। महाराष्ट्र में एक लड़की ने समारोह पर 80 लाख रुपए खर्च की बात सुनकर शादी से ही इनकार कर दिया था। शादी के भव्य आयोजन में पैसे बहाने के बजाए दुल्हन ने गरीबों के लिए घर बनाने के लिए पैसे खर्च करने का सुझाव दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, याचिकाकर्ता का नाम कुछ दिनों पहले तक राउडी-शीटर्स में शामिल था। वकील ने कोर्ट से कहा कि इस शख्स को हेलिकॉप्टर से फूल बरसाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा और इसके बाद पुलिस कमिश्नर के पास सर्टिफिकेट भेजकर अनुमति लेनी होगी।