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चारधाम यात्रा: अलग-अलग जगहों पर चार श्रद्धालुओं की मौत, तबीयत बिगड़ने से गई जान

देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आए चार श्रद्धालुओं की पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक सभी मामलों में यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की तबीयत अचानक बिगड़ी और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

चारधाम यात्रा मार्ग पर कहां-कहां हुईं घटनाएं

पहली घटना उत्तरकाशी जिले में भटवाड़ी के पास हुई, जहां तमिलनाडु के सलेम जिले के 63 वर्षीय श्रद्धालु गंगोत्री धाम से लौटते समय शुक्रवार को अचानक गिर पड़े। उन्हें पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनकी मौत की पुष्टि हुई।

दूसरी घटना केदारनाथ से लौट रहे महाराष्ट्र के 68 वर्षीय यात्री के साथ हुई। वह सीतापुर के पास बेहोश हो गए थे और एक अक्टूबर को गुप्तकाशी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्हें मृत घोषित किया गया।

इसी तरह आंध्र प्रदेश के 67 वर्षीय श्रद्धालु की रुद्रप्रयाग जिले में अगस्त्यमुनि के पास बीमार पड़ने के बाद मौत हो गई। चौथी घटना सोनप्रयाग के पास हुई, जहां पंजाब के 50 वर्षीय यात्री अचानक गिर पड़े और चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

ऊंचाई और ठंड बढ़ाती है जोखिम

चारधाम के रास्ते ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरते हैं, जहां ऑक्सीजन कम होती है और मौसम तेजी से बदलता है। अक्टूबर में सुबह-शाम की ठंड भी बढ़ने लगती है। ऐसे में दिल, सांस, ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी समस्याओं वाले बुजुर्ग यात्रियों के लिए जोखिम ज्यादा रहता है। इस साल यात्रा के दौरान स्वास्थ्य कारणों से कई श्रद्धालुओं की मौत के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान

स्वास्थ्य विभाग यात्रियों को लगातार सलाह देता रहा है कि यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराएं, नियमित दवाइयां साथ रखें और रास्ते में बने स्क्रीनिंग व मेडिकल पॉइंट पर जांच कराने से न बचें। ऊंचाई पर पहुंचने से पहले शरीर को एक-दो दिन मौसम के अनुसार ढलने का समय दें, गर्म कपड़े पहनें और पर्याप्त पानी पिएं।

सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना, तेज सिरदर्द या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखें तो यात्रा रोककर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

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यात्रा अपने अंतिम चरण में है और कपाट बंद होने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन से मेडिकल व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है।

फीचर्ड तस्वीर AI से बनी प्रतीकात्मक तस्वीर है, यह घटना की असली तस्वीर नहीं है।

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