उत्तराखंड बिजली: सर्दियों में केंद्रीय पूल से मिलेगी अतिरिक्त बिजली, CM धामी ने जताया आभार
देहरादून: सर्दियों में उत्तराखंड बिजली आपूर्ति को लेकर राज्य को केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक छह महीनों के लिए केंद्रीय उत्पादन केंद्रों के गैर-आवंटित पूल से राज्य को अतिरिक्त बिजली देने की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार जताया है।
किस महीने कितनी अतिरिक्त बिजली
मंजूर व्यवस्था के तहत अतिरिक्त बिजली महीनेवार अलग-अलग मात्रा में मिलेगी। अक्टूबर 2026 में 5 मेगावाट, नवंबर में 8 मेगावाट और दिसंबर में 16 मेगावाट बिजली दी जाएगी।
सबसे ज्यादा 19 मेगावाट बिजली जनवरी 2027 में मिलेगी, जब पहाड़ों में ठंड चरम पर होती है। इसके बाद फरवरी में 16 मेगावाट और मार्च में 9 मेगावाट का आवंटन होगा। छह महीनों का यह कुल आवंटन 73 मेगावाट बताया गया है।
सर्दियों में क्यों बढ़ता है उत्तराखंड बिजली संकट
उत्तराखंड की बिजली व्यवस्था काफी हद तक जलविद्युत परियोजनाओं पर टिकी है। सर्दियों में नदियों का जलस्तर घटने से इन परियोजनाओं का उत्पादन कम हो जाता है, जबकि ठंड के कारण हीटर और अन्य उपकरणों के इस्तेमाल से मांग बढ़ जाती है। मांग और उत्पादन के इसी अंतर को पाटने के लिए राज्य को बाहर से बिजली लेनी पड़ती है।
मुख्यमंत्री धामी ने क्या कहा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस फैसले से सर्दियों में प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उनके मुताबिक इसका फायदा आम उपभोक्ताओं के साथ उद्योगों और कारोबारियों को भी मिलेगा, खासकर दूरस्थ पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोगों को।
आगे क्या
अतिरिक्त आवंटन अक्टूबर से लागू होगा। अब उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन पर इस बिजली के बेहतर वितरण की जिम्मेदारी होगी, ताकि पीक सीजन में कटौती की शिकायतें कम हों। ऊर्जा विभाग सर्दियों की मांग पर लगातार नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर अन्य स्रोतों से भी बिजली की व्यवस्था करेगा।
