रेखा आर्या ने पति के 210 करोड़ संपत्ति के आरोप नकारे, बोलीं- जांच को तैयार
देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। पति की ओर से 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति और विभाग में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद मंत्री ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि किसी को संदेह है तो वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।
मंत्री ने यह पक्ष अस्पताल से ही मीडिया के सामने रखा, जहां उन्हें तबीयत बिगड़ने के बाद भर्ती कराया गया था। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
मामले की शुरुआत तब हुई जब रेखा आर्या ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा की। इसके बाद उन्होंने देहरादून के कैंट थाने में अपने पति के खिलाफ शिकायत दी।
शिकायत में मंत्री ने पति गिरधारी लाल साहू पर मारपीट करने, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और अपनी जान को खतरा होने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। ये आरोप मंत्री की ओर से लगाए गए हैं और इन पर अभी कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
शिकायत दर्ज कराने के बाद मंत्री की तबीयत खराब हो गई, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
पति ने लगाए संपत्ति और अनियमितता के आरोप
विवाद के बीच गिरधारी लाल साहू की ओर से भी पलटवार किया गया है। उनकी तरफ से आरोप लगाया गया है कि रेखा आर्या ने करीब 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जुटाई है। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग में अनियमितताएं होने के आरोप भी लगाए गए हैं।
इन आरोपों के सामने आने के बाद यह मामला निजी विवाद से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
मंत्री बोलीं- 10 साल से सार्वजनिक जीवन में, व्यवस्था पारदर्शी
स्वास्थ्य में सुधार होने पर मीडिया से बातचीत में रेखा आर्या ने पति के सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वह पिछले 10 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हैं और उनके विभाग में पारदर्शी व्यवस्था लागू है।
मंत्री ने कहा कि यदि किसी को उनके कामकाज या संपत्ति को लेकर कोई शक है तो उसकी जांच कराई जा सकती है और वह इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।
रेखा आर्या ने यह भी कहा कि वह लंबे समय से प्रताड़ना झेल रही थीं, लेकिन आखिर कब तक चुप रहतीं।
शिकायत वापस लेने के दबाव का आरोप
मंत्री ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके पति उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। उनके मुताबिक, उनसे कहा जा रहा है कि अगर वह तहरीर वापस ले लें तो सारे आरोप खत्म हो जाएंगे।
रेखा आर्या ने इस कथित दबाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने जो कदम उठाया है, वह पूरी तरह सोच-समझकर उठाया है। फिलहाल दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।
अब सबकी नजर कैंट थाने में दी गई शिकायत पर होने वाली आगे की कार्रवाई और संपत्ति संबंधी आरोपों पर किसी संभावित जांच पर टिकी है।
