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उत्तराखंड के दो अग्निवीर बनेंगे पीएसी का हिस्सा, सीएम धामी ने दी मंजूरी

देहरादून: सेना में चार साल की सेवा पूरी कर लौट रहे अग्निवीरों के लिए उत्तराखंड से एक अहम खबर आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के दो अग्निवीरों को 40वीं वाहिनी पीएसी में समायोजित करने के प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति दे दी है। ये दोनों अग्निवीर उस पहले बैच का हिस्सा हैं, जो नवंबर 2026 में भारतीय सेना से सेवामुक्त होने वाला है।

सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह समायोजन 40वीं वाहिनी पीएसी में मौजूद रिक्त पदों के सापेक्ष किया जाएगा। यानी इसके लिए अलग से पद सृजित नहीं किए जा रहे, बल्कि पहले से खाली पड़े पदों पर इन पूर्व अग्निवीरों को अवसर मिलेगा।

केंद्र के पत्र के बाद आया फैसला

इस निर्णय की पृष्ठभूमि में भारत सरकार के संयुक्त सचिव की ओर से राज्य को भेजा गया एक पत्र है। पत्र में बताया गया था कि अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती हुए युवाओं का पहला बैच नवंबर 2026 में सशस्त्र बलों से बाहर आने जा रहा है।

इसी पत्र में उत्तराखंड से अपेक्षा की गई थी कि वह राज्य के दो अग्निवीरों का समायोजन करे। प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखा गया, जिस पर उन्होंने सहमति जताते हुए मंजूरी दे दी।

राज्य सरकार इस कदम को सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों को आगे भी काम का मौका देने की दिशा में एक पहल के रूप में देख रही है।

क्या है अग्निपथ योजना

अग्निपथ योजना केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में शुरू की थी। इसके तहत युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। चार साल पूरे होने के बाद इनमें से एक हिस्से को ही नियमित सेवा में रखा जाता है, जबकि बाकी अग्निवीर सेवामुक्त हो जाते हैं।

यही कारण है कि सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों के भविष्य और उनके दोबारा रोजगार का प्रश्न लगातार चर्चा में रहा है। पहले बैच के बाहर आने का समय नजदीक आने के साथ अब राज्यों के स्तर पर उनके समायोजन की प्रक्रिया आकार लेने लगी है।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा

मुख्यमंत्री धामी ने इस फैसले पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू हुई अग्निपथ योजना युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत कर रही है।

उनके अनुसार, सेना में सेवा के दौरान अग्निवीर जो कौशल, अनुभव और अनुशासन हासिल करते हैं, वह देश की अमूल्य पूंजी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अग्निवीरों के योगदान और उनकी क्षमताओं का सम्मान करती है।

धामी ने यह भी कहा कि सरकार की कोशिश है कि देश की सेवा कर चुके ये युवा आगे प्रदेश की सेवा भी कर सकें, ताकि उनके सैन्य अनुभव, अनुशासन और दक्षता का लाभ राज्य को मिले। उन्होंने युवाओं के भविष्य और राष्ट्रसेवा के उनके संकल्प को आगे बढ़ाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

आगे क्या

पहला बैच नवंबर 2026 में सेना से सेवामुक्त होगा। इसके बाद स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार दोनों अग्निवीरों का 40वीं वाहिनी पीएसी के रिक्त पदों पर समायोजन किया जाना है।

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