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स्वरोजगार से जोड़ने को प्रवासियों से मांगे विकल्प : त्रिवेंद्र

बोले मुख्यमंत्री

  • कुछ ही दिनों में उत्तराखंड सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में किया बहुत काम
  • इस अभियान के तहत अभी तक 300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को जोड़ा
  • कोरोना के चलते रुके उद्योगों को दी गति, इनमें 90 फीसद से अधिक काम शुरू

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनने की दिशा में काफी किया है। इसमें हमने अभी तक 300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को जोड़ा है। कोविड-19 के कारण जो उद्योग रुके हुए थे, उन्हें भी अब फिर शुरू कर दिया है। इन उद्योगों में अभी करीब 90 फीसद से अधिक काम हो रहा है। 
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सभी जिलों के लिए 110 करोड़ रुपये जारी किए गये हैं। इस पैसे से राज्य में लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही प्रदेश में लौटे प्रवासी उत्तराखंडवासियों को राज्य सरकार पूरी मदद मुहैया करवाएगी। उनके व्यापक हित के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। इसके तहत आसान शर्तोें के अधीन उन्हें धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। विभिन्न विभागों के तहत चल रही स्वरोजगार योजनाओं को इससे जोड़ा जाएगा। 
त्रिवेंद्र ने कहा कि प्रदेश में पौने दो लाख प्रवासी लौटे हैं, जिनके रोजगार को लेकर राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू कर उन्हें इससे जोड़ने का निर्देश दिया है। इसी के तहत प्रदेश सरकार ने धनराशि जारी की है। योजना को विस्तारित करने के लिए सरकार ने विनिर्माण और सर्विस सेक्टर के अलावा ट्रेडिंग भी उससे जोड़ी है। प्रवासियों के मसले में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की है। इसके लिए उनसे विकल्प भी मांगे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, प्रदेश सरकार ने जिलों से मिली जानकारी के आधार पर निर्णय लिया कि धनराशि जारी कर स्वरोजगार की मुहिम को तेज किया जा सके। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता के तहत केवल बेरोजगारों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

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