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अखिलेश बने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, शिवपाल और मुलायम को अपने पदों से धोना पड़ा हाथ

समाजवादी पार्टी में मचा घमासान अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। रविवार को लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में हुए पार्टी के अधिवेशन में शिवपाल यादव को स्टेट प्रेसिडेंट पोस्ट से हटा दिया गया। अखिलेश नेशनल प्रेसिडेंट बना दिए गए और अमर सिंह को पार्टी से बाहर कर दिया गया। हालांकि अधिवेशन से ठीक पहले मुलायम सिंह यादव ने लेटर जारी कर इसे पार्टी संविधान के खिलाफ बताया था और समारोह को खारिज कर दिया था।

तीन प्रस्ताव हुए पास
पहला प्रस्‍ताव-अखिलेश को पार्टी का नेशनल प्रेसिडेंट बनाया गया। अखिलेश को यह अधिकार है कि राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी, संसदीय बोर्ड और देश के सभी संगठनों का जरूरत के मुताबिक गठन करें। इस प्रस्‍ताव की सूचना चुनाव आयोग को दी जाएगी।

दूसरा प्रस्‍ताव- मुलायम को समाजवादी पार्टी का संरक्षक और मार्गदर्शक बनाया गया।
तीसरा प्रस्‍ताव- शिवपाल यादव को पार्टी के स्टेट प्रेसिडेंट के पद से हटाया गया और अमर सिंह को पार्टी से बाहर किया गया।

अखिलेश बोले- मेरे खिलाफ लेटर लिखने के लिए घर से टाइपराइटर लाए
अधिवेशन में अखिलेश ने शिवपाल यादव पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “नेताजी ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया था और इन लोगों ने मेरे खिलाफ साजिश करके न केवल पार्टी को नुकसान पहुंचाने का काम किया, वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के सामने भी संकट पैदा किया।”

‘नेताजी के खिलाफ साजिश हो तो मेरी जिम्मेदारी बनती है कि मैं ऐसे लोगों के खिलाफ बोलूं। लोगों ने अपने घर से टाइपराइटर लाकर मेरे खिलाफ चिट्ठियां छपवाईं।”

नेताजी का पहले से ज्यादा सम्मान करूंगा
अखिलेश ने यह भी कहा, “मैं नेताजी का जितना सम्मान पहले करता था, राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर उससे ज्यादा सम्मान करूंगा। नेताजी का जो स्थान है, वह सबसे बड़ा स्थान है। मैं नेताजी का बेटा हूं और रहूंगा। ये रिश्ता कोई खत्म नहीं कर सकता। परिवार के लोगों को बचाना पड़ेगा तो वह करूंगा।”

रामगोपाल बोले- अखिलेश के साथ साजिश हुई
अधिवेशन में पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा, “पार्टी के दो व्‍यक्तियों ने साजिश करके अखिलेश को प्रदेश अध्‍यक्ष पद से हटा दिया। इसके बाद सब आपके सामने है। इसमें बहुत से लोगों को निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाए बगैर ही टिकट बांट दिए गए। ये लोग नहीं चाहते कि अखिलेश फिर सीएम बनें।”

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