समाजवादी पार्टी में बाप बेटे के अलगाव के बाद यह पार्टी दो गुटों में बंट गयी है.ऐसे में दोनों गुटों में चुनाव चिन्ह को लेकर भी बवाल अभी बाक़ी है.माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नई पार्टी बनाएँगे जिसका नाम प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी  (पीएसपी) होगा.

सपा साइकिल पर अखिलेश का चुनाव चिन्ह भारी पड़े इस वजह से अखिलेश यादव की पार्टी का चुनाव चिन्ह मोटरसाइकिल हो सकता है.माना जा रहा है कि सपा पर दावे को चुनाव आयोग द्वारा ठुकराए जाने की स्थिति में अखिलेश  विकल्प के तौर पर नई पार्टी बनाने का फैसला पहले ही ले चुके हैं.

नई पार्टी और नए चुनाव निशान को लेकर रामगोपाल यादव आयोग से पहले भी चर्चा कर चुके हैं।यह चर्चा तब हुई थी जब पहली बार मुलायम परिवार में सत्ता संघर्ष चरम पर पहुंचा था।अखिलेश खेमे के सूत्रों की माने तो अखिलेश को मोटरसाइकिल का विकल्प भी रामगोपाल यादव ने ही दिया है।दरअसल, समाजवादी पार्टी के महासंग्राम के पहले एपिसोड के दौरान ही रामगोपाल यादव ने यह विकल्प तैयार किया था।रामगोपाल यादव ने इस संबंध में बाकायदा चुनाव आयोग का दरवाजा खटकटाया था।

हालांकि चुनाव आयोग का इस प्रस्ताव पर क्या रूख होगा.इसे लेकर अखिलेश गुट कुछ कहने की स्थिति में नहीं है।अखिलेश के समर्थकों का कहना है कि अगर अलग पार्टी की इजाजत नहीं मिलती तो उनके समर्थक उम्मीदवारों के समूह को मोटर साइकिल के निशाने पर लड़ाने की भी अपील की जा सकती है।

पार्टी के सूत्र बता रहे है कि रामगोपाल यादव नए साल के पहले हफ्ते में मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी से भी मुलाकात कर सकते हैं।हालांकि सपा के अंदर यह चर्चा भी है कि चुनाव आयोग में साइकिल का चुनाव चिंह् रामगोपाल यादव के नाम पर है लेकिन मुलायम खेमा इससे इंकार करते हुए कह रहा है कि साइकिल पर एकाधिकार नेता जी का ही है।