महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए एक योजना मातृत्व लाभ योजना बनायी है। इसके तहत महिलाओं के समुचित पोषण के लिए सरकार उन्हें छह हजार रुपए नकद देगी, ताकि वे प्रसव से पहले और बाद में पर्याप्त आराम कर सकें। इस अवधि में उनका स्वास्थ्य तथा पोषणस्तर बेहतर रहे। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधान 4 बी के तहत यह सशर्त नकद अंतरण योजना है।

मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को उनकी मजदूरी के नुकसान के एवज में नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी ताकि वह प्रसव से पहले और बाद में समुचित आराम कर सकें, गर्भावस्था और स्तनपान कराने के दौरान उसके स्वास्थ्य और पोषण में सुधार हो और बच्चे के जन्म के छ: माह तक वह उसे स्तनपान करा सके क्योंकि नवजात के विकास हेतु यह बहुत महत्वपूर्ण है।

केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में स्थाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत महिलाओं के अलावा अन्य सभी महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। 6,000 रूपए की नकद राशि पहले दो बच्चों के लिए में तीन चरणों में दी जाएगी। पहली किश्त गर्भावस्था के पंजीकरण पर दी जाएगी, दूसरी किश्त प्रसव के वक्त और तीसरी किश्त तब दी जाएगी जब बच्चा तीन महीने का हो जाएगा और उसे बीसीजी, ओपीवी और डीपीटी-1,2 टीका लग चुका होगा। यह अंतरण आधार से जुड़ा होगा और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के तहत सीधे लाभार्थी के बैंक खाते या डाक विभाग के खाते में पैसे पहुंचेंगे। अनुमान है कि इससे प्रतिवर्ष 51.70 लाख महिलाओं को लाभ होगा।