भारत में तैयार हो रहे कोरोना वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर आ रही है। कोवैक्सिन का निर्माण भारत बायोटेक, आईसीएमआर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी ने मिलकर किया है। कोवैक्सीन का पहले चरण का क्लीनिकल ट्रायल कामयाब रहा है। फेज-वन ट्रायल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि परीक्षण से पता चला है कि ये सुरक्षित है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली एम्स को छोड़कर देश के बाकी 11 सेंटरों में ट्रायल पूरा हो चुका है। भारत बायोटेक के बारह केंद्रों में 375 लोगों पर ये परीक्षण किया गया। इसके दूसरे चरण का मानव ट्रायल सितंबर के पहले चरण में शुरू होगा। समें 750 स्वस्थ लोग लिए जाएंगे। प्रिंसिपल इनवेस्टिगेटर, मेडिसिन विभाग के विभाध्यक्ष डॉ बलवीर सिंह ने बताया कि फेज टू का ट्रायल 750 वॉलेंटियर्स पर किया जाएगा। पहले चरण में कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को ट्रायल में शामिल नहीं किया जाएगा। ट्रायल के लिए 10 वॉलेंटियर्स ने पंजीकरण करा लिया है।