यूपी में महागठबंधन को लेकर आज राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच मुलाकात हो सकती है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने उत्तर प्रदेश चुनाव में डिंपल यादव और प्रियंका गांधी को आगे कर बीजेपी को रोकने की रणनीति बनाई हैं.

कर सकते है मंच शेयर

कांग्रेस लगातार संकेत भी देती रही है कि इस बार उत्तर प्रदेश चुनावों में प्रियंका का रोल पहले के मुकाबले ज्यादा व्यापक होगा. अगर ऐसा हुआ तो हमारे सूत्र हमें बता रहे है कि डिंपल और प्रियंका साथ रायबरेली व अमेठी में रैली कर सकते हैं.

विपक्ष के लिए इस दांव की काट मुश्किल

दोनों का एक मंच पर जुटना भीड़ जुटाने के लिहाज से इतना महत्वपूर्ण दांव होगा जिसकी काट खोजना विपक्षी बीजेपी और बीएसपी के लिए खासा मुश्किल होगा. डिंपल यादव युवा हैं और वो युवा मतदाताओं से संवाद स्थापित करने में अखिलेश यादव की मदद कर सकती हैं. इसके अलावा दोनो ही नेता महिलाओं के बीच भी खासी लोकप्रियता भी रखते हैं. उसका फायदा भी चुनावों में अखिलेश यादव को मिल सकता है.

जीत और हार के लिहाज से तय हो बंटवारा

सूत्रों की माने तो कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर लगातार सपा नेताओं के संपर्क में हैं. दोनो पार्टिया चाहती है कि समझौता तकनीकी तौर पर जीत और हार के लिहाज से होना चाहिए. राहुल गांधी और अखिलेश यादव दोनो ही प्रशांत किशोर की बातों से सहमत हैं.

महागठबंधन का चेहरा

सूत्र बताते हैं 10 जनवरी यानी मंगलवार को अखिलेश यादव और राहुल गांधी की मुलाकात के बाद अगले दो-चार दिनों में समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ अजित सिंह की आरएलडी, संजय निषाद की निषाद पार्टी, पीस पार्टी, आरजेडी, अपना दल का वो गुट जो अनुप्रिया पटेल के खिलाफ है. ये सब छोटे दल मिलकर बिहार की तर्ज पर महागठबंधन बनाएंगे. इससे बिहार की तर्ज पर नीतीश कुमार की भूमिका में अखिलेश यादव नजर आएंगे.