यूपी की समाजवादी पार्टी में काफी दिनों से चले आ रहे घमासान का क्लाइमेक्स हो चुका है। सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह ने अपनी हार मान ली है और अखिलेश यादव को ‘साइकिल’ पर अधिकार मिल चुका है। साइकिल की सवारी के बाद अब अखिलेश गठबंधन की राह पर निकल पड़े हैं। मंगलवार देर शाम मीटिंग के बाद कांग्रेस-समाजवादी पार्टी समेत छह पार्टियों के महागठबंधन के आकार को अंतिम रूप दे दिया गया है।

इस मीटिंग में सीटों की विभाजन की रुपरेखा तैयार कर ली गई है। आज सीएम अखिलेश यादव गठबंधन का औपचारिक ऐलान भी कर सकते हैं। इसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए रामगोपाल ने कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और अशोक गहलोत से मुलाक़ात की।

सपा और कांग्रेस- दोनों पार्टियां अब अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची तैयार कर रही हैं। इसके बाद महागठबंधन का औपचारिक एलान कर दिया जाएगा। इस बात को लेकर राजनीतिक पार्टियों के साथ साथ जनता में भी हलचल मची हुई है।

वहीं गठबंधन को लेकर ट्विटर यूजर्स ने भी बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। इसी के साथ ‘डियर बीजेपी डरो मत’ ट्रेंड करने लगा। ट्विटर यूजर्स बीजेपी को निशाना बना रहें हैं।

यूजर्स का कहना है कि बिहार के बाद एक बार फिर महागठबंधन डरने की जरुरत नहीं। संभावित महागठबंधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के अलावा राष्ट्रीय लोक दल, राष्ट्रीय जनता दल, संजय निषाद की निषाद पार्टी, महान दल, पीस पार्टी, अपने दल (अनुप्रिया पटेल की मां की अगुआई वाला धड़ा) और जनता दल (एकीकृत) शामिल होंगे।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर के अनुसार, ‘उत्तर प्रदेश में हम जीत के लिए लड़ेंगे। उसके बाद 2019 के चुनाव में केंद्र में भाजपा को आने से रोकने का एजंडा लेकर हम चल रहे हैं।’

हालांकि अभी तक टिकट बंटवारे की बात फ़ाइनल नहीं हुई है। इसके बाद ही गठबंधन की औपचारिक घोषणा की जाएगी।