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उत्तराखंड में कोरोना पर लगा ब्रेक, मात्र 530 बचे एक्टिव केस!

रंग ला रहे सीएम के प्रयास

  • देवभूमि में संक्रमण मामलों की रफ्तार पर लगी रोक, रिकवरी और डबलिंग दर बढ़ी
  • कोरोना वायरस महामारी काल के 16वें सप्ताह में संक्रमित मामलों में आई कमी
  • 30 इलाके कंटेनमेंट जोन से बाहर, टिहरी में अब कोरोना का एक भी एक्टिव केस नहीं

देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना महामारी के खिलाफ जारी जंग में अब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी के प्रयास रंग दिखाने लगे हैं। प्रदेश में इस समय कोरोना संक्रमण मामलों की रफ्तार धीमी हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना काल के 16वें सप्ताह में संक्रमित मामलों की कमी आने की पुष्टि की है। वहीं रिकवरी और डबलिंग दर बढ़ी है।
अब कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मुख्यमंत्री के प्रयासों के चलते अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। गौरतलब है कि बीते रविवार को प्रदेश में मरीजों की संख्या 3124 पहुंच गई है। अब तक प्रदेश में 2524 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। अभी मात्र 530 एक्टिव केस बचे हैं। जबकि अब तक 42 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में आज सोमवार को कोरोना काल को 16 सप्ताह (112 दिन) का समय बीत गया है। 28 जून से 4 जुलाई तक 16वें सप्ताह में प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामलों का ग्राफ गिरा दिखा।गत सप्ताह सबसे कम संक्रमित मामले मिले हैं। जबकि संक्रमित मरीजों के ठीक होने और संक्रमित मामले दोगुने होने की दर बढ़ी है। 16वें सप्ताह में प्रदेश में कुल 302 संक्रमित मामले सामने आए हैं। वहीं 590 मरीज ठीक हुए हैं। कोरोना पॉजिटिव पांच लोगों की मौत हुई है। 
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रदेश में अब तक 340 कोविड केयर सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। इन सेंटरों में 22 हजार 600 बेड फिलहाल खाली हैं। संक्रमण को रोकने के लिए सरकार का कांटेक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस पर जोर है। प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या 500 से भी कम है, कोविड केयर सेंटरों में साढ़े बाइस हजार से ज्यादा बेड खाली हैं। प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि प्रदेश में रोजाना आ रहे कोरोना संक्रमित मामलों की तुलना में प्रदेश में कई गुना इंतजाम किए गए हैं।

कोविड केयर सेंटरों के अलावा पांच समर्पित कोविड अस्पतालों में 825 और 12 कोविड हेल्थ सेंटरों में एक हजार से अधिक बेड की व्यवस्था है। जिलों की जरूरतों के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमण केे मामलों में गिरावट आने के बाद कंटेनमेंट जोन भी धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। प्रदेश के 30 इलाके कंटेनमेंट जोन से बाहर हो गए हैं। संक्रमित मामलों के आधार पर छह जिलों में 82 कंटेनमेंट जोन वर्तमान में है। 
राज्य में कोरोना संक्रमित मामले बढ़ने के साथ ही प्रदेश में कंटेनमेँट जोन की संख्या 112 तक पहुंच गई थी, लेकिन अब संक्रमित मामलों में कमी आने से कंटेनमेंट जोन भी कम हो गए हैं। वर्तमान में हरिद्वार जिले में सबसे अधिक 61 कंटेनमेंट जोन है। जबकि देहरादून में इनकी संख्या घटकर छह हो गई है। टिहरी में पांच, ऊधमसिंह नगर जिले में चार, उत्तरकाशी में चार और नैनीताल जिले में दो कंटेनमेंट जोन है। बता दें कि कंटेनमेंट जोन में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी तरह की गतिविधियों और लोगों के आवाजाही पर रोक है।
टिहरी जिले के लिए ये राहत की खबर है। अब कोरोना संक्रमण का कोई भी एक्टिव केस नहीं है। कोविड केयर सेंटर से सभी मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। रविवार को डीएम ने कुट्ठा गांव के दो लोगों के होम क्वारंटीन का पालन न करने पर उन्हें बौराड़ी स्थित होटल में संस्थागत क्वारंटीन कराया था। टिहरी जिले में कुल 421 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई थी। दो लोगों की मौत हो गई थी। सभी कोरोना पॉजिटिव लोगों को कोविड केयर सेंटर सुरसिंगधार में आइसोलेट किया गया था, लेकिन अब सभी लोग स्वस्थ होकर घर लौट गए हैं। एडीएम शिवचरण द्विवेदी ने बताया कि रविवार को जिले में कोई भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं मिला है। 

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