अबु के मंसूबों से परिजन थे अनजान

  • उसके पिता बोले- अपने बेटे की करतूतों का पता होता तो उसे घर से निकाल देता
  • पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी को दिल्ली में एनकाउंटर के बाद किया था गिरफ्तार
  • आतंकी को उसके पैतृक गांव बलरामपुर लाया गया था, तलाशी के बाद टीम दिल्ली रवाना

बलरामपुर। दिल्ली से गिरफ्तार इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के आतंकी अबू यूसुफ उर्फ मुस्तकीम के यूपी के बलरामपुर स्थित घर से दो मानव बम जैकेट, विस्फोटक, आईएस का झंडा और भड़काऊ साहित्य बरामद किए गए हैं। यूसुफ के भतीजे समेत तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसके बाद टीम वापस दिल्ली रवाना हो गई।

आतंकी अबू यूसुफ के घर से विस्फोटक समेत फिदायीन हमले की जैकेट बरामद

पिता वकील अहमद ने कहा कि मुझे उसकी (बेटा) इस करतूत के बारे में पता नहीं था। वरना उसे रोकता या घर से निकाल देता। वकील अहमद को बेटे की करतूत पर बेहद अफसोस है। उन्होंने कहा कि पुरखों (मरहूम बुजुर्गों) ने जो इज्जत कमाई, बेटे ने उसे मिट्टी में मिला दिया। मैंने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में लिखवाई थी। अब तो जो भी करेगी, पुलिस करेगी। मैं चाहता हूं कि एक मर्तबा उसे माफी दे दें। वो दोबारा करे तो कुछ भी कर दीजिएगा।

पिता वकील अहमद

वकील ने बताया कि यूसुफ की रीढ़ की हड्डी खिसकी हुई है, जिसका 2 साल से लखनऊ में इलाज चल रहा है। वह शुक्रवार को लखनऊ में मामा के बेटे की किडनी के इलाज के लिए गया था। उसने अपनी बहन को बताया था कि वो उसके घर पर रुकेगा पर वहां नहीं पहुंचा और उसका फोन बंद आने लगा।
यूसुफ की पत्नी ने कहा कि वह घर में गन पाउडर और कई अन्य चीजें इकट्ठी कर रहा था। मैंने जब ऐसा न करने के लिए कहा तो बोला कि उसे रोकने का मुझे कोई हक नहीं। मेरे 4 बच्चे हैं। हो सके तो उसे माफ कर दें। मैं कहां जाऊंगी? अबु यूसुफ के भाई आकिब ने कहा कि मुझे आईएस के झंडे की पहचान नहीं है मगर रात को झंडा देखा। काले रंग के झंडे पर सफेद रंग से अरबी में ‘अल्लाह हू अकबर ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुन रसूलुल्लाह’ लिखा था। भाई सऊदी और अन्य जगहों पर रहा है।