उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में बीएसपी को प्रचंड बहुमत मिल रहा है. ये एक सर्वे से खुलासा हुआ है, वहीं सीएम के रुप में अभी भी मायावती को राज्य की जनता की पहली पसंद बनी हुई हैं. सर्वे के अनुसार बसपा को 250 से ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान है. नोटबंदी और सत्तासीन यादव परिवार में मची उठापटक का बसपा को फायदा मिलता दिखाई दे रहा है.

एक संगठन के द्वारा किए गये सर्वे राज्य के करीब 2 लाख लोग शामिल हुए. इस सर्वे में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. समाजवादी पार्टी से नाराज पिछड़े वोटरों (गैर यादव) का रुझान भी बसपा की ओर दिखाई दे रहा है. उनका आरोप है कि सपा की सरकार में  भला केवल यादवों का ही हुआ है.

मायावती सीएम के रुप में पहली पसंद

सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती हमेशा से अपने कड़े अनुशासन के कारण चर्चा में रही है. उनके शासनकाल में कोई भी बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ. विरोधी भी मायावती के अनुशासन के कायल है. इसी कारण से अखिलेश यादव राज्य में काफी काम कराकर भी इस दौड़ में पिछड़ रहे हैं. 54 फीसदी लोगों की पहली पसंद मायावती बनी हुई हैं. जबकि 22 फीसदी लोग अखिलेश को दोबारा से मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं.
यादववाद के कारण पिछडेगी समाजवादी पार्टी
गैर यादव वोटरों का आरोप है कि सपा सरकार से यादवों को छोड़कर किसी भी पिछड़ी जातियों का कोई भला नहीं हुआ है. सपा सरकार में केवल यादवों ने मलाई खाई है, जिससे अन्य पिछड़ी जातियां समाजवादी पार्टी से काफी नाराज दिखाई दे रही है और उनका रुझान बसपा की ओर बढ़ रहा है.
नोटबंदी के कारण पिछड़ी बीजेपी
2015 में बिहार चुनाव से पहले आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण की समीक्षा का बयान दिया था. जिसके कारण नीतीश कुमार के साथ काफी सालों तक सत्ता की मलाई खाने वाली भाजपा को मुंह की खानी पड़ी थी. पीएम मोदी की ताबड़तोड़ रैलियों के बावजूद बिहार में बीजेपी 54 सीटों पर ही सिमटकर रह गई थी. सर्वे में शामिल लोगों का मानना है कि नोटबंदी का फैसला भी भागवत के बयान की तरह भाजपा पर भारी पड़ने जा रही है.
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नटबंदी से जहां एक ओर करोड़ों लोगों का रोजगार छीन गया. वहीं व्यापारी और कारोबारी वर्ग भी इससे बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.  व्यापारी और कारोबारी वर्ग को ही बीजेपी का परंपरागत वोटर माना जाता है. लेकिन नोटबंदी के फैसले से इस वर्ग में भाजपा के लिए काफी रोष देखने को मिल रहा है. जिसके कारण बीजेपी सत्ता की रेस से पिछड़ती नजर आ रही है.