हरिद्वार। हरकीपैड़ी की दीवार आसमानी बिजली गिरने से नहीं ढही थी, बल्कि बिजली की लाइन को भूमिगत करने के लिए की गई खुदाई के बाद पानी भरने से गिरी थी। इस बात का खुलासा जिलाधिकारी की ओर से बनाई गई तीन सदस्यीय समिति की जांच में हुआ है। समिति ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। डीएम सी रविशंकर ने इसकी पुष्टि की है।
इससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल ने भी अपनी रिपोर्ट में आकाशीय बिजली गिरने की बात को खारिज किया था। गौरतलब है कि मंगलवार तड़के साढ़े तीन बजे हरकी पैड़ी पुलिस चौकी से सटी दीवार भरभराकर गिर गई थी। दीवार का मलबा गंगा घाट और ब्रह्मकुंड तक फैल गया था। गनीमत यह रही कि हादसा रात में होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई थी।

हरकीपैड़ी की दीवार गिरने से जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया था। इसके बाद मंगलवार को प्रचारित किया गया कि बिजली गिरने से दीवार ढह गई। फिर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, जिलाधिकारी और साधु संतों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया था। मंगलवार शाम को ही जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन करके रिपोर्ट देने का कहा था। तीन सदस्यीय जांच समिति मौके पर पहुंची और कई घंटे तक पूरे इलाके का निरीक्षण किया। जांच समिति ने जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।जिलाधिकारी ने बताया कि समिति ने अपनी रिपोर्ट में दीवार गिरने का कारण बिजली की लाइन के लिए की गई खुदाई के बाद पानी भरने को कारण माना है। बिजली गिरने की पुष्टि जांच में नहीं हुई। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।