उर्मिला सनावर पर देहरादून में भी केस, 48 घंटे में दूसरा मुकदमा दर्ज
देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को लेकर आरोप लगाकर सुर्खियों में आईं अभिनेत्री उर्मिला सनावर के खिलाफ अब देहरादून में भी मुकदमा दर्ज हो गया है। पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताई जाने वाली उर्मिला पर 48 घंटे के भीतर यह दूसरा मामला है। इससे पहले हरिद्वार पुलिस ने 25 अक्टूबर को उन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
नए मुकदमे के सामने आने के बाद प्रदेश में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है और विपक्ष ने गिरफ्तारी के समय को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
दून कोतवाली में दर्ज हुई एफआईआर
उपलब्ध एफआईआर के अनुसार, देहरादून कोतवाली में 25 अक्टूबर 2026 की रात 8 बजकर 40 मिनट पर मुकदमा संख्या 0392 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 352, 353, 356 और 79 लगाई गई हैं। एफआईआर में घटनास्थल देहरादून की सीबीआई कोर्ट दर्ज है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह शिकायत मोती बाजार निवासी सागर ने दी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अदालत परिसर में पेशी के दौरान उर्मिला सनावर ने सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम, भाजपा नेता बीएल संतोष और आरती गौड़ के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इन आरोपों की सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
हरिद्वार में पहले से दर्ज है मामला
उर्मिला के खिलाफ पहला मुकदमा हरिद्वार की रानीपुर कोतवाली में सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायत में सोशल मीडिया पर अभद्र और मानहानिकारक टिप्पणियां करने, परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने, रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम कराने, पांच करोड़ रुपये मांगने और जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
इन्हीं आरोपों के सिलसिले में हरिद्वार पुलिस ने उर्मिला को सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और अभी किसी अदालत ने इन्हें सिद्ध नहीं किया है।
नार्को टेस्ट की सहमति और अंकिता केस से जुड़ाव
उर्मिला सनावर पिछले कुछ समय से वर्ष 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग साझा कर मामले में एक प्रभावशाली वीआईपी की भूमिका का आरोप लगाया था। इस विवाद में पूर्व विधायक सुरेश राठौर का नाम भी आया। वहीं दुष्यंत कुमार गौतम अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर चुके हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, उर्मिला और सुरेश राठौर ने अंकिता प्रकरण की जांच के सिलसिले में पॉलीग्राफ और नार्को-विश्लेषण परीक्षण के लिए सहमति देने की बात कही थी और दोनों को इस संबंध में देहरादून की सीबीआई अदालत में पेश होना था। इसी बीच हुई गिरफ्तारी और नई एफआईआर ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद इस दिशा में जांच की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि उर्मिला ने 23 अक्टूबर को अदालत में नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सहमति दी थी, लेकिन 25 अक्टूबर को उन्हें दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
दसौनी ने धामी सरकार से पूछा कि क्या इस कार्रवाई से अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी से जुड़े सवालों की जांच पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उर्मिला के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच हो, लेकिन अंकिता प्रकरण की जांच भी स्वतंत्र और पारदर्शी ढंग से आगे बढ़े। उनके मुताबिक गिरफ्तारी से सवाल खत्म नहीं होते और कोई कितना भी प्रभावशाली हो, कानून से ऊपर नहीं होना चाहिए।
आगे देहरादून पुलिस की जांच में यह साफ होना है कि कथित टिप्पणियां किन परिस्थितियों में की गईं। वहीं अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े आरोपों और प्रस्तावित नार्को टेस्ट को लेकर सीबीआई अदालत में आगे की कार्यवाही पर सबकी नजर रहेगी।
