भराड़ीसैंण सत्र: निर्दलीय विधायक उमेश कुमार का इस्तीफे का ऐलान, अनुपूरक बजट पर मतदान
गैरसैंण: भराड़ीसैंण में चल रहे उत्तराखंड विधानसभा सत्र का बुधवार का दिन सियासी हलचल से भरा रहा। एक तरफ सरकार के सामने वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगों को पारित कराने का एजेंडा है, तो दूसरी तरफ खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने सदन से इस्तीफे की घोषणा कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
इसी बीच कांग्रेस विधायकों ने भी कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा भवन के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सत्र के दूसरे दिन सदन के भीतर और बाहर, दोनों जगह गतिविधियां तेज रहीं।
उमेश कुमार बोले- विपक्ष से सिर्फ निराशा मिली
खानपुर विधायक उमेश कुमार ने अपने फैसले के पीछे विपक्ष से मिले असहयोग को बड़ी वजह बताया। उनका कहना है कि खानपुर की जनता ने उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनकर विधानसभा भेजा था। उनके मुताबिक, बीते साढ़े चार वर्षों में जब भी उन्होंने भ्रष्टाचार और किसानों से जुड़े मुद्दे उठाए, उन्हें उम्मीद थी कि विपक्ष उनका साथ देगा, लेकिन हाथ केवल निराशा लगी।
उमेश कुमार ने सदन में सवाल किया कि साढ़े चार साल में ऐसा कौन सा दिन था, जब विपक्ष एक दिन भी उनके साथ खड़ा रहा हो। इसके बाद उन्होंने कहा, “इस सदन से मैं इस्तीफे की घोषणा करता हूं।” उन्होंने यह इच्छा भी जताई कि अगली बार वे कुछ और साथियों के साथ सदन में पहुंचें।
किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया
अपने संबोधन में उमेश कुमार ने हरिद्वार जिले के किसानों की परेशानियों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों का 118 करोड़ रुपये का भुगतान दो साल से बकाया है। उनका आरोप था कि पैसा न मिलने से कई किसान बीमारी में इलाज नहीं करा पाए और उनकी मौत हो गई।
उन्होंने 2023 की आपदा का भी जिक्र किया, जिसमें उनके अनुसार पूरा हरिद्वार जनपद पानी में डूब गया था और फसलें बर्बाद हो गई थीं। विधायक ने कहा कि इसके बावजूद किसानों की आरसी काटी गई, किसान क्रेडिट कार्ड का ब्याज माफ नहीं हुआ, बिजली बिलों का बकाया भी माफ नहीं किया गया और कई कनेक्शन काट दिए गए।
यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस का धरना
सदन की कार्यवाही से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अगुवाई में कांग्रेस के सभी विधायक भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर विधानसभा भवन के बाहर धरने पर बैठ गए। एक ओर मंत्री, विधायक और विभागीय अधिकारी कार्यवाही में शामिल होने पहुंचते रहे, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने अपना विरोध दर्ज कराया।
विपक्ष की तैयारी प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरने की है। प्रश्नकाल में विधायकों के सवालों पर सरकार को जवाब देना है।
अनुपूरक बजट और नौ विधेयक एजेंडे में
सरकार ने मंगलवार को अनुपूरक बजट की मांगें सदन में पेश की थीं। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय हुआ कि बुधवार को अनुदान संख्या एक से 31 तक की अनुपूरक मांगों पर चर्चा और मतदान होगा। साथ ही उत्तराखंड विनियोग (2026-27 अनुपूरक) विधेयक, 2026 को पुरःस्थापित कर पारित कराने की कार्यवाही भी होगी।
पहले दिन सदन के पटल पर रखे गए नौ विधेयकों पर विचार कर उन्हें पारित करने का कार्यक्रम भी तय है। सत्र के पहले दिन संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने उत्तराखंड माल और सेवा कर संशोधन अध्यादेश सदन में रखा था। पेश किए गए विधेयकों में सिंचाई जल निकासी, राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन, अग्निशमन एवं आपात सेवा, सिविल विधि संशोधन और निजी विश्वविद्यालय द्वितीय संशोधन विधेयक जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
इसके अलावा उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग का 2024-25 का वार्षिक लेखा विवरण, सूचना का अधिकार अधिनियम की वार्षिक रिपोर्ट और उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट भी सदन में रखी गई थीं।
अब सबकी नजर अनुपूरक बजट पर होने वाले मतदान, विधेयकों के पारित होने और उमेश कुमार के इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया पर टिकी है।
