Sunday , September 26 2021
Breaking News
Home / उत्तराखण्ड / मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का शुभारंभ, इनको मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का शुभारंभ, इनको मिलेगा लाभ

  • पुष्कर सिंह धामी ने लाभार्थी माताओं और नवजात शिशुओं को वितरित कीं महालक्ष्मी किट
  • इस योजना में प्रथम दो या जुड़वा बालिकाओं के जन्म पर माता व कन्या शिशुओं को दी जा रही किट

देहरादून। आज शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने लाभार्थी महिलाओं को महालक्ष्मी किट का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने चयनित लाभार्थी माताओं और नवजात शिशुओं को महालक्ष्मी किट वितरित किये। पूरे राज्य में समस्त जनपदों के कुल 16929 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का अभियान शुरू किया। उनकी दूरदर्शिता का परिणाम है कि इस अभियान से व्यापक जनजागरूकता आई है। इससे लिंगानुपात में सुधार भी देखने को मिला है। हम अपने आस पास देखें तो पाएंगे कि बेटों की बजाय बेटियां माता पिता का अधिक ख्याल रखती हैं। आज जीवन का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है जहाँ बेटियों ने सफलता न पाई हो। उन्होंने कहा कि नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना बेटियों को प्रोत्साहित करने की महत्वपूर्ण योजना है। जल्द ही मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना शुरू करने जा रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमें बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए दोहरी मानसिकता को खत्म करना है। प्रकृति और संविधान ने समानता का संदेश दिया है। इसलिए बेटियों को प्रोत्साहित करना जरूरी है। महिला-पुरुष का समाज में समान महत्व है। भेदभाव की सोच को समाप्त करना है। प्रसवोपरांत मातृ व कन्या शिशु के पोषण और अतिरिक्त देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के तहत प्रथम दो बालिकाओं/जुड़वा बालिकाओं के जन्म पर माता और नवजात कन्या शिशु को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट उपलब्ध कराई जा रही है। इस अवसर पर सचिव हरि चंद्र सेमवाल व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना में आवेदन की शर्ते
1. आंगनवाडी केंद्र पर पंजीकरण।
2. सरकारी अथवा प्राइवेट माता-शिशु रक्षा कार्ड की प्रति (MCP कार्ड)।
3. संस्थागत प्रसव प्रमाण पत्र (यदि किसी आकस्मिक कारणवश रास्ते में या घर में प्रसव है हुआ है तो तद्विषयक आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री/ मिनी कार्यकर्त्री/आशा वर्कर / चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र)।
4. परिवार रजिस्टर की प्रति।
5. प्रथम द्वितीय / जुड़वाँ कन्या के जन्म हेतु स्वप्रमाणित घोषणा।
6. नियमित सरकारी /अर्धसरकारी सेवक तथा आयकरदाता न होने विषयक प्रमाण पत्र।

About team HNI

Check Also

मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के 3 वर्ष पूर्ण होने पर आरोग्य मंथन 3.0 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

आयुष्मान कार्ड बनाने का कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा-सीएमआयुष्मान योजना के तहत सभी अस्पतालों का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *