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नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग का जल्द होगा जीर्णोद्धार : त्रिवेंद्र

जो कहते हैं, वो करते हैं

  • मुख्यमंत्री ने चमोली जनपद में नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के जीर्णोद्धार की मांग कर रहे ग्रामीणों की खबर का लिया तुरंत संज्ञान
  • सचिव लोक निर्माण विभाग को दिये निर्देश, कहा नन्दप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए जरूरी परीक्षण करते हुए शीघ्र हो कार्यवाही  
  • बीते रविवार को घाट के लोगों ने नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर 19 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाकर जताई थी नाराजगी

देहरादून। आज सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चमोली जनपद में नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के जीर्णोद्धार की मांग कर रहे ग्रामीणों की खबर का संज्ञान लेते हुए सचिव लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिये कि नन्दप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए जरूरी परीक्षण करते हुए शीघ्र कार्यवाही की जाये और उन्हें इस बाबत अद्यतन जानकारी दी जाये ताकि घाट क्षेत्र की हजारों की आबादी वाले ग्राम सभाओं के लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके। त्रिवेंद्र ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि जनहित के इस कार्य में इतना विलंब कैसे हुआ। मुख्यमंत्री के इस आदेश से घाट क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है और उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड की आराध्य मां नंदा देवी का मायका माने जाने वाले घाट विकासखंड की मुख्य मोटर सड़क नंदप्रयाग-घाट का चौड़ीकरण, सुधारीकरण एवं डामरीकरण को लेकर क्षेत्रीय जनता के पिछले डेढ़ माह से आंदोलित रहने के बाद भी ठोस कार्रवाई पर रविवार को करीब 19 किमी मानव श्रृंखला बनाकर अपना विरोध जताया था।
पूरा घाट प्रखंड धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन उचित यातायात सुविधा के अभाव में स्थानीय निवासियों के साथ ही यहां आने वाले देवी भक्तों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। ऋषिकेश- बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से मात्र 19 किमी मोटर सड़क की स्थिति आज भी बदहाल बनी हुई हैं। 55 ग्राम पंचायतों वाले घाट ब्लाक मुख्यालय तक 1962 में सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। तबसे इस में थोड़ा बहुत सुधार के अलावा कुछ अधिक नहीं हुआ हैं। दशकों से भूस्खलन, बाढ़, सड़क कटाव सहित तमाम अन्य दिक्कतों के चलते इस सड़क की स्थिति बद से बद्तर हो गई हैं। बीते रविवार को घाट प्रखंड की 55 ग्राम सभाओं के नर-नारियों की भागीदारी से बनी अभूतपूर्व मानव श्रृंखला ने अपनी नाराजगी का इजहार किया था।


पिछले लंबे समय से घाट क्षेत्र की जनता नंदप्रयाग-घाट 19 किमी मोटर सड़क को डेढ़ लाइन बनाने के अलावा इसके सुधारीकरण एवं डामरीकरण की मांग विभिन्न मंचों से उठाती आ रही है, किन्तु आज दिन तक उनकी यह मांग पूरी नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के 14 अगस्त 2017 को पुलिस लाईन गोपेश्वर में ही इस सड़क के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण की घोषणा की थी, जिस पर उन्होंने 14 सितंबर 2017 को ही 1 करोड़ 28 लाख 44 हजार रुपयों की वित्तीय स्वीकृत दे दी थी। इसके अलावा 15 अक्टूबर 2018 को इस सड़क को डेढ़ लाईन बनाये जाने की भी स्वीकृति देने की बात कागजों में तों की जा रही हैं, पर विभाग की लापरवाही से अब तक धरातल पर कुछ भी दिखाई नहीं पड़ रहा है।
इस सड़क के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर गत वर्ष 4 दिसंबर से क्षेत्रीय जनता ने व्यापार संघ घाट व टैक्सी यूनियन घाट के सहयोग से ब्लाक मुख्यालय घाट में आंदोलन शुरू कर दिया। जो बीते रविवार को मानव श्रृंखला के रूप में सड़कों पर नजर आया था। पूरे प्रखंड के 55 ग्राम सभाओं के लोगों की एकजुटता से इसके लिये जिम्मेदार विभाग में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने घाट क्षेत्र के लोगों की परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए इसका अतिशीघ्र समाधान करने को कहा है।

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