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बहुत ‘महंगी’ साबित हो रही केदारनाथ में हेली सेवा!

सुविधा या दुविधा

  • पिछले 10 वर्षों में 6 हेलीकॉप्टर क्रैश, वायुसेना के 20 अफसर और 4 पायलट समेत 30 ने गंवाई जान  
  • नियम कायदे ताक पर रख मौसम खराब होने के बावजूद यात्रियों को लेकर केदारनाथ क्यों जा रहे हेलीकॉप्टर

देहरादून। आज मंगलवार को केदारनाथ धाम में फिर एक हेलीकॉप्टर क्रैश होने और उसमें पायलट सहित सवार 7 लोगों की मौत होने से यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिरकार क्यों नियम कायदे ताक पर रखकर और मौसम खराब होने के बावजूद लगातार यात्रियों को लेकर हेलीकॉप्टर गुप्तकाशी और अन्य हेलीपैड से केदारनाथ उतारे जा रहे हैं। एक ही तरह के हादसों से सबक क्यों नहीं लिया जा रहा है।
गौरतलब है कि ऐसे हादसों की फेहरिस्त में ये पहली घटना नहीं है। इसी साल 31 मई को भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जब केदारनाथ में हेलीकॉप्टर की बड़ी मुश्किल से लैंडिंग करवाई गई थी। वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर सर्विस देने वाली कंपनियों की बाढ़ सी आ गई थी। जिसके बाद यात्रियों को भी सुविधा देने के मकसद से यहां पर हेलीपैड और अन्य सुविधाओं को भी बढ़ाया गया। हालांकि 2013 की आपदा के बाद से अब तक 6 हेलीकॉप्टर क्रैश हो चुके हैं। इनमें वायुसेना का एक एमआई-17 और चार प्राइवेट हेलीकॉप्टर शामिल हैं।
वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम में जिस वक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था उस वक्त एमआई-17 वायुसेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें वायु सेना के 20 अधिकारियों की मौत हो गई थी और इसी हादसे में दो प्राइवेट पायलटों की भी मौत हुई थी। इससे पहले और बाद में अब तक 4 और हेलीकॉप्टर क्रैश हो चुके हैं। इस सभी हादसों का मुख्य कारण भी खराब मौसम में उड़ान भरना बताया गया था।
वर्ष 2013 में ही 21 जून को एक प्राइवेट हेलीकॉप्टर गरुड़चट्टी के पास पहाड़ी से टकराकर क्रैश हो गया था। इस घटना को 4 दिन बाद ही 25 जून 2013 को ही एक सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था। फिर 24 जुलाई 2013 को केदारनाथ में एक हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ, जिसमें एक पायलट और एक इंजीनियर की मौत हुई थी। जबकि 3 अप्रैल 2018 को एक सेना का हेलीकॉप्टर बिजली के तार में उलझकर क्रैश हुआ था। 

हालांकि इस घटना में सभी लोग सुरक्षित बच गए थे। अब तक हुई इन तमाम घटनाओं में 29 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी वर्ष बीते 31 मई को भी एक हेलीकॉप्टर क्रैश होने से बाल-बाल बचा था। इसका सीसीटीवी फुटेज उस वक्त सामने आया था जब केदारनाथ में हेलीकॉप्टर लैंड कर रहा था। तभी किसी तरह से हादसा टल गया था। 

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