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पहाड़ी इलाकों से लड़कियों की तस्करी चिंताजनक : कुसुम

ऋषिकेश। आज रविवार को उत्तराखंड में मानव तस्करी की रोकथाम के लिए राज्य महिला आयोग की ओर से संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें मानव तस्करी रोकने के लिए आवश्यक जानकारियों और तौर तरीकों से अवगत कराया गया।यहां नगर निगम सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में चार जिलों टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और देहरादून के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट से जुड़े पुलिस और अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हुए। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पहाड़ी इलाकों से लड़कियों की तस्करी को चिंताजनक बताया और इसके रोकने के पुख्ता इंतजाम करने को कहा। इसके साथ ही मानव तस्करी की शिकार युवतियों और महिलाओं को दोबारा से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के तरीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया।एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के देहरादून इंचार्ज हेमंत खंडूरी ने भी महिलाओं से अपना अनुभव साझा करते हुए इस पर रोकथाम को लेकर कई बारीकियां बताई। उन्होंने कहा कि अपने आसपास की स्थिति को भांप कर किस तरह से आप इस तरह के माहौल का अंदाजा लगा सकते हैं। भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। कुसुम कंडवाल ने खासकर पहाड़ी इलाकों से लड़कियों की तस्करी को लेकर गंभीरता जताई। उन्होंने अधिकारियों को इस तरह के मामलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने हर हाल में मानव तस्करी रोकने को कहा। कुसुम ने बताया कि जिस तरह से उत्तराखंड में स्पा और मसाज सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, उनको लेकर एक नियमावली बनाकर शासन को भेज दी गई है। नियमावली में साफ तौर पर लिखा गया है कि महिला मसाज सेंटर में महिलाएं मसाज करेंगी और पुरुष मसाज सेंटर में पुरुष करेंगे। इस तरह की गाइडलाइन को शासन से स्वीकृति मिलते ही लागू कर दिया जाएगा.

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