चुनावों में लगातार हार और पार्टी के अंदर कलह झेल रही आम आदमी पार्टी को जल्‍द ही एक और झटका लग सकता है. ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ मामले में 20 विधायकों पर चुनाव आयोग अपना फैसला सुना सकता है. इस मामले में आम आदमी पार्टी के खिलाफ याचिका डालने वाले वकील प्रशांत पटेल ने न्‍यूज18 डॉटकॉम को बताया कि चुनाव आयोग ने सुनवाई पूरी करके फैसला सुरक्षित रख लिया है. अगले सप्‍ताह या फिर उसके कुछ समय बाद निर्णय आ सकता है.

इससे आप को एक और झटका लग सकता है. मेरे हिसाब से संसदीय सचिव लाभ का पद है. पूर्व मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त केजे राव का कहना है कि ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ मामले में संसदीय सचिव बने विधायकों की सदस्‍यता जा सकती है. संकेत तो यही कह रहे हैं. सेंटर फॉर द स्‍टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटी (सीएसडीएस) के निदेशक संजय कुमार कहते हैं ‘आप’ के जिन 21 विधायकों पर चुनाव आयोग में केस चल रहा है उस पर भी एमसीडी चुनाव में हार का असर पड़ेगा.

इस वजह से जा सकती है सदस्यता

जानकारों का कहना है कि संविधान के अनुच्‍छेद 102(1)(ए) और 191(1)(ए) के अनुसार संसद या फिर विधान सभा का कोई भी सदस्य अगर लाभ के किसी भी पद पर होता है उसकी सदस्यता जा सकती है. यह लाभ का पद केंद्र और राज्य किसी भी सरकार का हो सकता है.