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आस्था के महापर्व हरिद्वार महाकुंभ का शुभारम्भ 14 जनवरी मकर संक्रांति पर स्नान के साथ होगा

विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन हरिद्वार महाकुंभ का पहला शाही स्नान 11 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन, हजारों की संख्या में साधु-संत, श्रद्धालुगण एवं भक्त मां गंगा के निर्मल एवं पवित्र जल में स्नान करेंगे। मान्यता है कि कुंभ के दौरान गंगा स्नान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

हरिद्वार-देश दुनिया में करोड़ों लोगों की आस्था के ‘महापर्व’ हरिद्वार कुंभ मेला-2021 का शुभारम्भ 14 जनवरी, 2021 को मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रमुख स्नान के साथ होगा। कुंभ को विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है। सनातन संस्कृति के अनुसार जब देवगुरु बृहस्पति 12 राशियों के माध्यम से जब अपना चक्र पूरा कर पुनः कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, साथ ही सूर्यदेव मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब हरिद्वार ‘कुंभ महापर्व’ का योग बनता है।

14 जनवरी, 2021 को मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रमुख स्नान के साथ ही महाकुंभ का शुभारंभ हो जाएगा। अन्य प्रमुख स्नान 11, 16, 27 फरवरी व 13 व 21 अप्रैल, 2021 को होंगे। हरिद्वार महाकुंभ का पहला शाही स्नान 11 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन सैकड़ों की संख्या में साधु-संत, श्रद्धालुगण एवं भक्त मां गंगा के निर्मल एवं पवित्र जल में स्नान करेंगे। दूसरा शाही स्नान सोमवती अमावस्या को 12 अप्रैल, तीसरा शाही स्नान बैशाखी के दिन 14 अप्रैल व  अन्तिम व चौथा शाही स्नान चैत्र माह की पूर्णिमा को 27 अप्रैल, 2021 को होगा। ऐसी मान्यता है कि कुंभ के दौरान गंगा स्नान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस बार कोराना की वजह से हरिद्वार मेला प्रशासन ने कोविड गाइडलाइंसों के अनुरूप सभी आवश्यक सभी व्यवस्थाओं का प्रबंध समय से पूरा कर सफल आयोजन के लिए हरिद्वार में महाकुंभ के दौरान मेला प्रशासन उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसैक) की मदद से तीर्थयात्रियों की भीड़ नियंत्रित करने व यातायात व्यवस्था बनाए रखेंगा।

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यूसैक के निदेशक प्रो. एमपीएस बिष्ट के मुताबिक अंतरिक्ष विज्ञानियों ने हरिद्वार महाकुंभ मेला क्षेत्र के 163 वर्ग किलोमीटर का डाटाबेस में होटलों, आश्रमों, धर्मशालाओं के साथ ही तमाम निर्माण कार्यों और मेला क्षेत्र की खाली पड़ी जमीनों के बारे में भी जानकारियां है, जिससे मेला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को उनके कंप्यूटर पर ही मेला क्षेत्र में भीड़ और यातायात के बाधित होने की तत्काल जानकारी मिल जाएगी।

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