• मॉस्को में भारत-चीन की बातचीत पर ओवैसी बोले- चीन से विवाद में रूस की मदद लेकर कमजोर दिख रहे हम
  • मॉस्को में चीन से बातचीत पर नहीं आया भारत का बयान, ओवैसी का तंज, ‘क्या पीएम मोदी मोर के साथ खेलने में बिजी हैं?’

हैदराबाद। ताजा घटनाक्रम में पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मॉस्को में अपने चीनी समकक्ष जनरल वी फेंगे से मुलाकात की। बैठक के बाद चीन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि वह अपनी एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ेगा। अब एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बैठक को लेकर भारत की ओर से बयान न आने पर सवाल उठाते हुए तंज कसा है।
ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा, ‘मॉस्को में हुई द्विपक्षीय वार्ता में चीनी रक्षा मंत्री के बयान जारी करने 8 घंटे बाद भी हमारी सरकार की ओर कोई बयान सामने नहीं आया है। क्या हमारे प्रधानमंत्री अपने राजसी बगीचे में मोर के साथ खेलने में इतने व्यस्त हैं कि उनके पास लद्दाख में 1000 स्क्वॉयर किमी में चीन पर कब्जे पर बोलने के लिए समय नहीं हैं?’ ओवैसी ने ट्वीट में राजनाथ सिंह को टैग किया है।

पूर्वी लद्दाख में मई में सीमा तनाव के बाद से दोनों देशों की ओर से यह पहली उच्च स्तरीय आमने सामने की बैठक थी। चीनी रक्षामंत्री से राजनाथ सिंह की बैठक की खबर आने के बाद अपने ट्वीट में ओवैसी ने लिखा था, ‘राजनाथ सिंह सर..क्या आप चीनी रक्षामंत्री से यह कहने जा रहे हैं कि वह हमारी उस 1000 वर्ग किलोमीटर जमीन को बिना शर्त खाली करे, जिसे उसने 4 महीने से लद्दाख में कब्जा रखा है या आप भी प्रधानमंत्री कार्यालय की तरह ये कहने जा रहे हैं कि हमारी जमीन पर कोई नहीं आया है। हम सच जानना चाहते हैं।’
गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को दोनों देशों के रक्षामंत्रियों के बीच शुक्रवार को मॉस्को में दो घंटे से अधिक समय तक बैठक हुई। बैठक के बाद चीन की ओर से बयान जारी किया गया है। चीनी ने बयान में आरोप लगाया है कि लद्दाख में तनाव बढ़ाने के लिए भारत पूरी तरह से जिम्मेदार है। साथ ही बयान में चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि चीन अपनी एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ेगा।