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चीन पर मोदी के बयान पर विवाद, अब पीएमओ ने दी सफाई

अपने-अपने आसमां

  • पीएमओ ने कहा- पीएम की बात को गलत तरीके से पेशकर बेवजह विवाद खड़ा कर रहे, उन्होंने 15 जून की झड़प की बात की थी
  • पिछले 60 वर्षों में 43,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र को किन परिस्थितियों में खोना पड़ा, इससे यह देश अच्छी तरह से वाकिफ
  • कांग्रेस ने लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को ‘चकित और हतप्रभ’ करने वाला दिया करार
  • मोदी ने सर्वदलीय बैठक में कहा था- हमारी सीमा में कोई नहीं घुसा तो विपक्ष ने पूछा- यह बात सही है तो हमारे 20 जवान शहीद क्यों हुए?

नई दिल्ली। चीन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर विवाद हुआ तो प्रधानमंत्री ऑफिस (पीएमओ) ने आज शनिवार को सफाई जारी की। पीएमओ का कहना है कि मोदी के बयान को गलत तरीके से पेश कर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है।
लद्दाख में एलएसी पर हिंसक झड़प को लेकर भारत-चीन के बीच तनाव के माहौल के बीच आज शनिवार को प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह साफ कर दिया है कि भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर किसी भी कीमत पर एक पक्षीय बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी। देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए भारतीय सेना हरसंभव कदम उठाएगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर कुछ लोगों की ओर से विवाद खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। पीएमओ के अनुसार दरअसल शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में यह कहा गया था कि एलएसी को स्थानांतरित करने के किसी भी प्रयास का भारत दृढ़ता से जवाब देगा। वास्तव में उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि ऐसी चुनौतियों के अतीत की उपेक्षा के विपरीत, भारतीय सेना एलएसी के किसी भी उल्लंघन का मुकाबला निर्णायक रूप से और दृढ़ता से करती है।
पीएमओ के अनुसार सर्वदलीय बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया था कि इस बार चीनी सेनाएं एलएसी पर बहुत अधिक ताकत के साथ आ गई और उस पर भारतीय प्रतिक्रिया भी उसके अनुरूप रही। जैसा कि एलएसी के उल्लंघन का सवाल है, उसके संबंध में यह स्पष्ट रूप से कहा गया कि 15 जून को गलवान में हिंसा इसलिए हुई क्योंकि चीनी पक्ष एलएसी के नजदीक संरचनाएं खड़ी करना चाह रहा था और इस तरह के कार्यों से बाज आने से इनकार कर रहा था।
पीएमओ की ओर से कहा गया कि ऑल पार्टी मीटिंग की चर्चाओं में प्रधानमंत्री की टिप्पणियों का फोकस 15 जून की गलवान की घटनाओं पर था जिसके कारण 20 भारतीय सैन्य कर्मियों की जान चली गई थी। प्रधान मंत्री ने हमारे सशस्त्र बलों को उनकी वीरता और देशभक्ति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित कीजिन्होंने वहां चीन के इरादों को नाकामयाब किया। प्रधान मंत्री की यह टिप्पणी कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के हमारी तरफ चीन की कोई उपस्थिति नहीं है हमारे सशस्त्र बलों की बहादुरी के परिणामस्वरूप बनी स्थिति से संबंधित थी। 16 बिहार रेजिमेंट के सैनिकों के बलिदान ने संरचनाएं खड़ी करने की चीनी पक्ष की कोशिश को नाकाम कर दिया और उस दिन इस जगह पर एलएसी के उल्लंघन के प्रयास को भी निष्फल कर दिया।
प्रधानमंत्री के शब्द… ‘जिन लोगों ने हमारी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की, उन्हें हमारे बहादुर धरती पुत्रों द्वारा मुंहतोड़ सबक सिखाया गया” हमारे सशस्त्र बलों के मूल्यों और चरित्र को अभिव्यक्त करते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं, कि हमारी सशस्त्र सेना हमारी सीमाओं की रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी’। भारतीय क्षेत्र क्या है यह भारत के नक्शे से स्पष्ट है। यह सरकार इसके प्रति दृढ़ता और सख्ती से संकल्पबद्ध है। जहां तक कुछ अवैध कब्जों का सवाल है ऑल पार्टी मीटिंग को बड़े विस्तार से बताया गया कि पिछले 60 वर्षों में, 43,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक इलाके को किन परिस्थितियों में खोना पड़ा जिससे यह देश अच्छी तरह से वाकिफ है। यह भी स्पष्ट किया गया कि यह सरकार एलएसी के किसी एकतरफा परिवर्तन की अनुमति नहीं देगी। ऐसे समय में जब कि हमारे बहादुर सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैंयह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनका मनोबल कम करने के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। हालांकि ऑल पार्टी मीटिंग में प्रमुख भावना राष्ट्रीय संकट के समय सरकार और सशस्त्र बलों के लिए अप्रतिम समर्थन की थी। हमें विश्वास है कि प्रेरित प्रचार से भारतीय लोगों की एकता में कोई कमी नहीं आएगी।
कांग्रेस ने लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को ‘चकित और हतप्रभ’ करने वाला करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने यह सवाल भी किया कि अगर प्रधानमंत्री ने लद्दाख की सही स्थिति के बारे में बताया है तो फिर 20 जवानों का सर्वोच्च बलिदान क्यों हुआ और पिछले कुछ हफ्तों में चीन के साथ सैन्य स्तर पर किस विषय को लेकर बातचीत हो रही थी? उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने कहा कि लद्दाख में भारतीय सीमा में कोई बाहरी नहीं आया। यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री का बयान सेना प्रमुख, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री के पहले के बयानों के विपरीत है। उनका बयान हमें चकित और हतप्रभ कर गया।
प्रधानमंत्री ने क्या कहा था? : शुक्रवार को हुई सर्वदलीय बैठक में मोदी ने कहा था कि लद्दाख में हमारी सीमा में न तो कोई घुसा है, न ही हमारी पोस्ट किसी के कब्जे में है।
विपक्ष ने क्या कहा?: कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने पूछा- अगर प्रधानमंत्री की यह बात सच है कि भारतीय सीमा में चीन का कोई सैनिक नहीं था तो झड़प क्यों हुई, 20 जवान शहीद क्यों हो गए? दोनों देशों में बातचीत किसलिए हो रही थी? उधर, राहुल गांधी ने भी ऐसे ही सवाल किए। उन्होंने यहां तक कहा कि प्रधानमंत्री ने चीन के अटैक के सामने सरेंडर कर दिया।
पीएमओ ने क्या कहा? : सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने 15 जून की झड़प के रेफरेंस में बयान दिया था। उनका मतलब ये था कि हमारे जवानों की बहादुरी की वजह से उस दिन हमारी सीमा में चीन का कोई सैनिक नहीं घुस पाया था। हमारे जवानों ने शहीद होकर चीनी सैनिकों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया।

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