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फायरिंग के दौरान बच्चा कुछ वक्त तक दादा के सीने पर बैठा रहा।

कश्मीर : आतंकियों के हाथों मारे गए दादा के सीने पर बैठा था तीन साल का मासूम!

कभी न भूलने वाला मंजर

  • जम्मू-कश्मीर के सोपोर में आंतकी हमले के दौरान शहीद हो गया सीआरपीएफ का एक जवान
  • हमले में एक बुजुर्ग भी मारा गया, उसके शव पास बैठे उनके पोते की तस्वीर ने सबको झकझोरा
  • कुछ दिन पहले आतंकियों ने एक 5 साल के बच्चे की भी गोली मारकर कर दी थी हत्या

श्रीनगर। सोपोर में जमीन पर खून से लथपथ पड़े दादा। कुछ देर पहले तक उनकी ऊंगली थामे 3 साल का मासूम उनकी छाती पर बैठा है। मानो दादा अभी गोद में फिर से उठा लेंगे। बेजान शरीर से कोई हरकत नहीं होती तो उसकी मासूम आंखें बेचैन हो जाती हैं। तभी कुछ दूर झाड़ियों के पास मोर्चा संभाले जवान बच्चे को पास आने का इशारा करता है। बच्चा कुछ सोचता है और फिर मासूमियत से जवान की ओर बढ़ जाता है। जवान बच्चे को गोद में उठा दुलारने लगता है। आतंक का यह भयावह मंजर जम्मू-कश्मीर के सोपोर का है।
जम्मू-कश्मीर में आतंक की यह सबसे भयावह तस्वीर है। दुर्दांत आतंकी सुरक्षाबलों के साथ-साथ अब राज्य के निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने लगे हैं। राज्य में आतंक की तस्वीर को बयां करती एक तस्वीर ने सबको झकझोर दिया है। आतंकियों की गोली से छलनी दादा के सीने पर बैठे पोते की तस्वीर ने सबको हिलाकर रख दिया है। मासूम बच्चा इस उम्मीद में दादा की छाती पर बैठा है कि दादा उठकर उसे घर लेकर चलेंगे।
गौरतलब है कि सोपोर में आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था। दोनों तरफ से गोलीबारी में सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया जबकि आतंकियों ने एक आम नागरिक की भी हत्या कर दी। जिस शख्स की हत्या हुई वह अपने पोते को लेकर कहीं जा रहे थे। गोली लगने के बाद शख्स जमीन पर गिरा हुआ था। खून से लथपथ शरीर के पास उनका पोता पहले बैठा रहा। फिर इस उम्मीद में शख्स के सीने पर बैठ गया कि उसका दादा उसे गोद में उठाकर उसके लिए मिठाई खरीदेगा। यह तस्वीर दिल को दहला देने वाली है।

घटनास्थल पर मौजूद एक जवान ने उस बच्चे को इशारे से अपनी तरफ बुलाया। बच्चा उठकर उस जवान के पास गया। फिर एक अन्य जवान आतंकियों की गोली से बचाने के लिए एक बच्चे को गोद में लेकर उसे सुरक्षित स्थान पर ले जा रहा है। बीच में बच्चा रुआंसा हो जाता है तो जवान उसे समझाते हैं। उससे बात करते हैं। बाद में जवान उस बच्चे को एक गाड़ी में बैठाकर उसे उसकी मां के पास ले गए।

घटना स्थल से एक जवान ने बच्चे को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले आतंकियों ने बिजबेहरा में एक मुठभेड़ में एक 5 साल के बच्चे को हत्या कर दी थी। हालांकि सुरक्षाबलों ने इस घटना में शामिल आतंकियों को कुछ दिन तक ही धरती पर जिंदा रहने दिया उसे ढेर कर दिया। हाल के दिनों सुरक्षाबलों की कार्रवाई में घाटी में कई आतंकी मारे गए हैं। जवानों की कड़ी कार्रवाई से बौखलाए आतंकी अब घाटी के मासूम लोगों को भी अपना निशाना बनाने लगे हैं और वो बच्चों को भी नहीं छोड़ रहे हैं।

बच्चा डरे नहीं इसलिए उसे खाने के लिए बिस्कुट दिए 
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