• गुफा के अंदर श्वेत शिवलिंग, उसके ऊपर से टपकती जलधारा, जलकुंड, शंख और पहाड़ी में बनी तमाम कलाकृतियां विराजमान 

पिथौरागढ़। जनपद में कनालीछीना विकासखंड के खनपर गांव में मंदिर के सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण के दौरान की जा रही खुदाई में एक रहस्यमयी गुफा मिली है। यह गुफा 15 मीटर लंबी और 10 मीटर चौड़ी है।गुफा को अंदर से देखने वाले लोग भी हैरानी में हैं।
इस गुफा के भीतर शिवलिंग की आकृति का सफेद पत्थर, जलधारा समेत अनेक कलाकृतियां विराजमान हैं। दूरदराज से लोग गुफा को देखने पहुंच रहे हैं। लोग हैरान हैं कि जमीन के अंदर ऐसी आकृतियां कहां से आई हैं। 

गौरतलब हैकि खनपर गांव के पास स्थित गुफा वाली माता के नाम से प्रसिद्ध मंदिर हैं। यहां पर धर्मशाला, सौंदर्यीकरण और आंगन का निर्माण किया जा रहा है। दो दिन पहले यहां पर पोकलैंड मशीन से चट्टानों को काटा जा रहा था। पोकलैंड ऑपरेटर नीरज ने बताया कि उन्हें पहाड़ी के अंदर छोटी सी गुफा दिखाई दी। निर्माण कार्य में लगे लोग गुफा के अंदर गए तो वहां श्वेत शिवलिंग, उसके ऊपर से टपकती जलधारा, जलकुंड, शंख और पहाड़ी में बनी तमाम कलाकृतियां नजर आईं।

फिलहाल गुफा देखने पहुंच रहे लोगों की भीड़ को देखते हुए वहां कार्य रोक दिया गया है। प्रवेश द्वार के पास गुफा की ऊंचाई लगभग चार फीट और अंदर सात फीट है। गुफा को देखकर लोग कई तरह के कयास लगा रहे हैं। खनपर निवासी हरीश तिवारी ने कहा कि गुफा को पाताल भुवनेश्वर की तर्ज पर विकसित किया जा सकता है। उन्होंने पुरातत्व विभाग से गुफा का सर्वेक्षण करने की मांग की है। उधर अल्मोड़ा के पुरातत्वविद चंद्र सिंह चौहान का कहना है कि यह प्राकृतिक गुफा है। गुफा के भीतर जो भी आकृतियां इस तरह बनी होती हैं वह चूने की होती हैं। जिस स्थान पर यह गुफा है वह यातायात से जुड़ा हुआ है। ऐसे में पर्यटन की दृष्टि से यह बेहद लाभकारी हो सकता है। शीघ्र ही गुफा का सर्वेक्षण किया जाएगा।