Thursday , June 18 2026
Breaking News
Home / चर्चा में / जवान को चढ़ाया गया था HIV संक्रमित खून, 12 साल बाद खुला राज, मिलेगा डेढ़ करोड़ मुआवजा…

जवान को चढ़ाया गया था HIV संक्रमित खून, 12 साल बाद खुला राज, मिलेगा डेढ़ करोड़ मुआवजा…

सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2002 में एक पूर्व वायुसेना के अफसर को एचआइवी से संक्रमित खून चढ़ाने पर भारतीय सेना और वायुसेना को उन्हें 1.54 करोड़ रुपये का हर्जाना चुकाने का निर्देश दिया है। वायुसेना का ये अधिकारी साल 2002 में पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन पराक्रम’ के दौरान ड्यूटी पर बीमार हो गया था और तब से ही अस्पताल में भर्ती था। ऐसी जानकारी है कि जम्मू-कश्मीर के एक आर्मी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उन्हें एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया था।

वायुसेना के पूर्व अधिकारी को एचआईवी संक्रमित होने की खबर 12 साल बाद लगी। उनका आरोप है कि 2014 में वह बीमार पड़े और उन्हें एचआइवी से पीडि़त घोषित कर दिया गया। मेडिकल बोर्ड ने उन्हें वायुसेना में सेवा के लिए अयोग्य ठहरा दिया। इसके बाद सैन्य अस्पतालों ने भी उन्हें कोई चिकित्सकीय सहायता देने से इन्कार कर दिया था। ऐसे में 12 साल बाद ये साबित करना बेहद मुश्किल था कि उन्हें आर्मी हॉस्पिटल में संक्रमित खून चढ़ाया गया है। इसके बाद उन्होंने साल 2017 में मुआवजे के लिए एनसीडीआरसी का रुख किया लेकिन एनसीडीआरसी ने वायुसेना के पूर्व अधिकारी की याचिका को खारिज कर दिया।

इसके बाद पीड़ित अधिकारी ने साल 2022 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस लापरवाही के लिए इंडियन एयर फोर्स और इंडियन आर्मी दोनों को सामूहिक रूप से जिम्मेदार माना। सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन एयर फोर्स को 6 हफ्ते में वायुसेना के पूर्व अधिकारी को 1 करोड़ 54 लाख 73 हज़ार रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है, साथ ही कहा कि भारतीय वायुसेना मुआवजे की आधी राशि भारतीय सेना से मांगने के लिए स्वतंत्र है। कोर्ट ने अफसोस जताते हुए कहा कि हमें मालूम है कि हम इस तरह मुआवजा देकर पीड़ित का खोया हुआ सम्मान वापस नहीं ला सकते, लेकिन इससे कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

About team HNI

Check Also

CM धामी ने समस्त जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक

सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश भू कानून का …

Leave a Reply