गोपेश्वर से महिपाल गुसाईं।

सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट 4 सितंबर को सुबह 10 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। जिला प्रशासन एवं गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के बीच इसके लिए सहमति बन गई है। इसके साथ ही यात्रा के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी करने पर भी गहन मंथन किया गया।
सिखों के 10वें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी की तपस्थली हेमकुंड साहिब के कपाट यूं तो हर साल मई महीने में खुलने की परंपरा रही हैं, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते कपाट को तय समय पर नही खोला जा सका। कपाट खोलने को लेकर पिछले कई माह से असमंजस की स्थिति बनी रही।  पवित्र स्थल के कपाट खोलने से लेकर यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर गुरुद्वारा समिति एवं जिला प्रशासन के बीच वार्तालाप होता रहा। किंतु कोरोना की स्थिति को देखते हुए पवित्र तीर्थ के कपाट खुलने के लिए आम सहमति नही बन सकी। गत दिवस जिला प्रशासन एवं हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा प्रबंधक समिति एवं जिला प्रशासन के बीच कपाट को खोलने को लेकर गंभीर मंथन हुआ। जिसके बाद हेमकुंड साहिब के कपाट 4 सितंबर को खोलने पर सहमति बन गई हैं।

ज्ञातव्य है कि हेमकुंड साहिब के कपाट मई माह में खुलने के बाद अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह के अंदर बंद हो जाते हैं। उसके बाद इस यात्रा रूट पर ठंड़ बढ़ जाने के कारण श्रद्धालुओं को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। जिसे देखते हुए समिति को कपाट बंद करने पड़ते हैं। पूरे साल में इस पवित्र तीर्थ के कपाट मात्र 4 ही माह आम श्रद्धालुओं के लिए खुले रहते हैं।
समिति एवं प्रशासन के बीच कपाट खुलने को लेकर बनी सहमति में तय किया गया कि समिति अपनी ओर से तो व्यवस्थाएं जुटाएगी ही, साथ ही जिला प्रशासन, जोशीमठ तहसील प्रशासन भी समिति का हर संभव सहयोग करेगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए दोनों के बीच सहमति बनी है कि जो भी राज्य से बहार के श्रद्धांलु हेमकुंड की यात्रा करने जाएगा उसे यात्रा से 72 घंटे पहले कोविड का पीसीआर टेस्ट करना जरूरी होगा। इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट से ई-पास लेने के बाद ही उसे यात्रा पर जाने दिया जाएगा। जबकि सभी तीर्थ यात्रियों को यात्रा के दौरान मास्क का उपयोग करने के साथ ही शारीरिक दूरी सहित अन्य सर्तो का हरहाल में पालन करना होगा। हेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष जीत सिंह बिंद्रा ने कपाटोद्घाटन की तिथि तय होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान हर हाल में कोविड 19 से बचाव के लिए जारी गाइड लाइन का पालन किया जाएगा।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि हेमकुंड साहिब गुरूद्वारा प्रबंधन समिति से विचार विमर्श के बाद हेमकुंड की यात्रा 4 सितंबर से खोलने का निर्णय लिया गया है। हेमकुण्ड साहिब की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए  लोनिवि, विद्युत एवं जल संस्थान को यात्रामार्ग पर जरूरी व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के निर्देश कर दिए है। स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सकों की तैनाती एवं दवाईयों का स्टाॅक रखने, जिला पंचायत को यात्रामार्ग में नियमित सफाई के लिए कार्मिकों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। कोविड 19 का पूरी तरह से पालन करने के लिए पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।