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उत्तराखंड के इन अहम मसलों पर धामी ने मोदी से की चर्चा

पीएम से मांगा और अनुग्रह

  • टीएचडीसी इंडिया में यूपी की 25 प्रतिशत अंशधारिता को उत्तराखंड को देने का किया अनुरोध
  • जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि बढ़ाने, राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा व शोध संस्थान खोलने की गुहार
  • पिथौरागढ़ से हवाई सेवाओं के संचालन व मानस खंड मंदिर माला मिशन को मंजूरी देने का किया आग्रह

देहरादून। आज गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट के दौरान उत्तराखंड के लिये जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि को बढ़ाये जाने, उत्तराखंड में राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा एवं शोध संस्थान की एक शाखा स्थापित किये जाने, कुमाऊं मंडल के पौराणिक मन्दिरों को जोड़े जाने के उद्देश्य से ‘मानस खंड मंदिर माला मिशन’ को स्वीकृति दिये जाने का अनुरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने पिथौरागढ़ एयरस्ट्रिप से हवाई सेवाओं के संचालन और टीएचडीसी इंडिया लि की इक्विटी शेयर धारिता में उत्तर प्रदेश के 25 प्रतिशत अंशधारिता को उत्तराखंड राज्य को स्थानान्तरित करने में उनसे सहयोग का भी अनुरोध किया।

धामी ने कहा कि उत्तराखंड देश के फार्मास्यूटिकल हब के रूप में उभर रहा है। देश में कुल उपभोग होने वाली दवाओं में उत्तराखंड राज्य में स्थापित औषधि निर्माण इकाइयों की लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। राज्य में स्थापित 03 प्रमुख औद्योगिक संकुलों यथा- देहरादून, हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर में 300 से अधिक फार्मास्यूटिकल निर्माण इकाइयां स्थापित हैं जो 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रही हैं। उन्होंने पीएम से उत्तराखंड में राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा एवं शोध संस्थान की एक शाखा स्थापित किये जाने का अनुरोध किया। इससे राज्य में फार्मास्यूटिकल शोध को बढावा मिलेगा। उक्त संस्थान की स्थापना हेतु वांछित भूमि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी।
पुष्कर ने मोदी को बताया कि पिथौरागढ़ में एयरस्ट्रिप से हवाई सेवा संचालित किये जाने हेतु निविदा की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से पिथौरागढ़ एयरस्ट्रिप से हवाई सेवाओं के शीघ्र एवं सुचारु संचालन के लिये संबंधित को निर्देशित करने का अनुरोध किया।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने पर राज्यों को राजस्व सुरक्षा प्रदान किये जाने के उद्देश्य से 5 वर्षों यथा 30 जून 2022 तक की अवधि के लिए जीएसटी की क्षतिपूर्ति की व्यवस्था की गयी थी। परंतु संरचनात्मक परिवर्तन, न्यून उपभोग आधार, राज्य में सेवा का अपर्याप्त आधार सहित अन्य कारणों से जीएसटी लागू होने के उपरांत राज्य के राजस्व में अपेक्षित वृद्धि दर्ज नहीं की जा सकी है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित आर्थिक संसाधनों को देखते हुए जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि बढ़ाये जाने का अनुरोध किया। धामी ने कुमाऊं मंडल के पौराणिक मन्दिरों को जोड़े जाने के उद्देश्य से ‘मानस खंड मंदिर माला मिशन’ की स्वीकृति दिये जाने का अनुरोध किया।
पुष्कर ने बताया कि टीएचडीसी इंडिया केंद्र सरकार की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी एवं उत्तर प्रदेश सरकार की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का संयुक्त उपक्रम है। उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 47 (3) के अनुसार उत्तर प्रदेश द्वारा विभाजन की तिथि तक टीएचडीसी इंडिया में किये गये पूंजीगत निवेश के आधार पर उत्तराखंड को हस्तांतरित होना चाहिए क्योंकि टीएचडीसी इंडिया का मुख्यालय उत्तराखण्ड राज्य में स्थित है। टीएचडीसी की लगभग 70 प्रतिशत परियोजनायें उत्तराखंड में ही स्थित है। उक्त परियोजनाओं से उत्पन्न होने वाली पुनर्वास, कानून व्यवस्था तथा अन्य सामाजिक एवं पर्यावरण सम्बन्धी चुनौतियों का सामना भी उत्तराखंड को करना पड़ता है।  उत्तराखण्ड द्वारा वर्ष 2012 में टीएचडीसी इंडिया में उत्तर प्रदेश के स्थान पर उत्तराखंड की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी हेतु मूल वाद सर्वोच्च न्यायालय में योजित किया गया था जो सम्प्रति विचाराधीन है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से टीएचडीसी इंडिया की इक्विटी शेयर धारिता में उत्तर प्रदेश के 25 प्रतिशत अंशधारिता को उत्तराखंड को स्थानांतरित करने में केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड के लोहाघाट के समीप स्थित मायावती आश्रम आने के लिये भी अनुरोध किया।

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