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नदियों के किनारे निर्माण कार्य होंगे सीमित

  • आपत्तियों के लिए सरकार ने दिया 60 दिन का समय
  • जिलाधिकारी अपने स्तर पर करेंगे सुनवाई

देहरादून। प्रदेश सरकार ने गंगा सहित अन्य कई नदियों के बाढ़ क्षेत्र घोषित करते हुए निर्माण की सशर्त अनुमति की अधिसूचना जारी कर दी है। निर्माण गतिविधियां सीमित की जाएगी। सरकार ने आपत्तियों की सुनवाई के लिए 60 दिन का समय दिया है।
प्रदेश में बाढ़ मैदान (फ्लड जोन) परिक्षेत्र अधिनियम 2012 में बनाया गया था। इतना होने पर भी इसके तहत नदियों के बाढ़ क्षेत्र के निर्धारण पर कोई कसरत नहीं हुई। 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद यह महसूस किया गया कि नदियों के बाढ़ क्षेत्र में निर्माण या अन्य गतिविधियों को सीमित किया जाना जरूरी है।
अब प्रदेश सरकार ने गंगा नदी के बाढ़ क्षेत्र को चिह्नित करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। सचिव सिंचाई नितीश कुुमार झा की ओर से जारी आदेश मुताबिक अधिसूचित किए गए क्षेत्र में सशर्त निर्माण की ही अनुमति होगी। जिलाधिकारी अपने स्तर पर आपत्तियों की सुनवाई करेंगे। बता दें कि नदियों का यह बाढ़ क्षेत्र नदी के सौ साल के व्यवहार के आधार पर जारी किया जाता है।

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