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हरिद्वार: निर्मल अखाड़े में घुसा पंजाब से आया संतों का गुट, जमकर हुआ हंगामा

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में आज कनखल थाना क्षेत्र के निर्मल अखाड़े में साधु संतों के दो गुटों के बीच जमकर टकराव हुआ। दोनों गुटों के संतों के बीच अखाड़े की संपति को लेकर विवाद है। जिसके कारण दोनों गुट आज आमने सामने हो गए। बाद में हरकत में पुलिस आई और पंजाब से आए संतो को उठाकर बाहर निकाला। यह विवाद लंबे समय से चल रहा है और न्यायालय में लंबित है।

बता दें कि कनखल के निर्मल अखाड़ा में श्रीमंत ज्ञानदेव सिंह और श्रीमहंत रेशम सिंह पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। दोनों गुटों के संत अपने-अपने श्रीमहंत को अखाड़े का अध्यक्ष बताते हैं और एक दूसरे को फर्जी बताते आ रहे हैं। यहां तक की दोनों अखाड़ा परिषद भी अलग-अलग गुट के साथ खड़ी है।
ज्ञानदेव सिंह के गुट के कोठारी जसविंदर सिंह ने कहा कि आज पंजाब से कुछ संत अस्थि विसर्जन के नाम पर अखाड़े में कब्जे की नीयत से घुस आए। जिनके द्वारा अखाड़े के संतों पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा जो संत आज अखाड़े में कब्जा करने की नीयत से घुसे हैं, उनके द्वारा अखाड़े की कई संपत्तियों पर पूर्व में कब्जा किया जा चुका है। उन्होंने कहा उन्होंने अपनी बात प्रशासन को बता दी है। अब मौके पर प्रशासन मौजूद है।

वहीं दूसरी तरफ रेशम सिंह गुट के संत कमलजीत सिंह ने कहा संपत्ति निर्मल अखाड़े के संतों की है। यहां निर्मल अखाड़े से जुड़ा हर संत आकर संगत कर सकता है। उन्होंने कहा कब्जे जैसी कोई बात नहीं है बल्कि जो संत अखाड़े में बैठे हैं उनके द्वारा ही अखाड़े की संपत्ति को खुर्दबुर्द किया जा रहा है। उन्होंने अखाड़े के कोठारी और अन्य संतों पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन संतों द्वारा अखाड़े के अध्यक्ष ज्ञानदेव को बंधक बना कर रखा गया है।
मामले में सीओ सिटी मनोज ठाकुर ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि निर्मल संत पुरा आश्रम कनखल में पंजाब से आए कुछ संत कब्जा करने की नीयत से अखाड़े में घुस आए हैं। जिनको शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाने ले जाया गया है।

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